भाजपा विधायकने कहा- नेहरू ‘पण्डित’ नहीं थे, जो गाय-सुअरका मांस खाए, पण्डित नहीं हो सकता !


अगस्त ११,२०१८

भाजपाके कई ऐसे विधायक हैं, जो प्रायः अपने विवादित वक्तव्योंसे चर्चामें बने रहते हैं । ऐसे ही एक हैं, राजस्थानके रामगढसे  विधायक ज्ञानदेव आहूजा। कभी गौरक्षाको लेकर विवादित वक्तव्य देते हैं तो कभी जेएनयूको लेकर । इस बार उन्होंने देशके प्रथम प्रधानमन्त्री पण्डित जवाहर लाल नेहरूपर अभद्र टिप्पणी की है । उन्होंने कहा कि नेहरू पण्डित नहीं थे, जो गाय और सुअरका मांस खाए, वह पण्डित नहीं हो सकता ! एएनआईके अनुसार, भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजाने कहा, “पण्डित जवाहर लाल नेहरू ‘पण्डित’ नहीं थे, जो गायका मांस खा जाए, जो सुअरका मांस खा जाए, सुअर मुसलमानोंके लिए लिए अपवित्र है, गाय हमारे लिए पवित्र है । जो बाकी जीव-जानवरोंको खा जाए, वो कभी पण्डित नहीं थे; लेकिन उनके आगे ब्राह्मणको जोडा गया ।

इससे पूर्व राजस्थानके अलवरमें कथित गोरक्षकोंद्वारा गायकी तस्करीके सन्देहमें जाकिर खान नामके एक व्यक्तिकी पिटाईपर आहूजा ने कहा था कि, “गो-तस्करी करोगे, गोकशी करोगे, तो यूं ही पीट-पीट मरोगे !” विधायक आहूजा उस समय चर्चा आए थे, जब इन्होंने ‘व्हाट्सएप’ सन्देशके आधारपर कहा था, “जेएनयूमें प्रतिदिन २००० देशी-विदेशी शराबकी बोतलें मिलती है, १०००० से अधिक धुम्रदण्डिकाके  (सिगरेटके) टुकडे मिलते हैं ! ४००० से अधिक बीडीके टुकडे मिलते हैं, ५० सहस्त्रसे अधिक छोटे-बडे अस्थियोंके टुकडे मिलते हैं, ३००० से अधिक प्रयोग किए गए निरोधक और गर्भपातके लिए प्रयोग हुए ५०० से अधिक टीके मिलते हैं ! यही नहीं, इसके साथ ड्रग्स लेने वाले रंगीन कागज भी मिलते हैं ! रातमें ८ बजेके बाद जेएनयूमें केवल नशा और गलत कार्य होता है ।”

उनके इस वक्तव्यके पश्चात सामाजिक प्रसार तन्त्रपर उनका उपहास हुआ था । वे काफी चर्चामें भी आ गए थे ।

स्रोत : जनसत्ता



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