‘पाइप’पर धार्मिक ध्वज लगा दिया तो क्या पाप कर दिया ?
२६ मार्च, २०२१
टिकैतने २६ मार्चको भारत बन्दकी घोषणा करते हुए कहा
कृषि विधानोंके विरुद्ध आन्दोलन कर रहे किसान संगठनोंने २६ मार्च २०२१ को ‘भारत बन्द’की घोषणा की थी । इसीके साथ उन्होंने लालकिलेपर खालिस्तानी उपद्रवियोंद्वारा साम्प्रदायिक ध्वज फहरानेका पक्ष लेते हुए कहा कि यदि ‘पाइप’पर धार्मिक ध्वज लगा दिया तो क्या पाप कर दिया ?
विडम्बना है कि राकेश टिकैत जैसे लोग भारतके नागरिक हैं और ऐसा देशद्रोही वक्तव्य देकर भी मुक्त हैं ।
लालकिलेपर लगे एक लौहदण्डपर (पाइपपर) ध्वज लगानेकी घटनाको भी गम्भीरतासे नहीं ले रहे हैं, जबकि यह राष्ट्रीय अस्मिताका प्रश्न है । लालकिलेपर ध्वज फहरानेका प्रतीकात्मक महत्त्व है और खालिस्तानी ध्वजका वहां लगाया जाना, राष्ट्रीय अस्मिता और सार्वभौमिकतापर प्रतीकात्मक आक्रमण है । इसके पक्षमें वक्तव्य देना राष्ट्रद्रोह है और टिकैतको इसका दण्ड मिलना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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