भरूचका एक क्षेत्र हुआ मुसलमान बहुल, तो घर विक्रय करनेको विवश हिन्दू, जलाराम बापा मन्दिरपर लगा विक्रयका सूचना पट्ट
१३ अक्टूबर, २०२१
प्रत्येक गुरुवारको जलाराम बापा मन्दिरमें आरती होती थी । एक दिन शौकत अलीने मन्दिरके सामनेका भवन क्रय कर लिया । उसने आरतीका विरोध करना प्रारम्भ किया । धीरे-धीरे वहां २८ मुसलमान परिवार निवास करने आ गए । अब वहांके रहवासी हिन्दू ही नहीं; वरन वह मन्दिर भी विक्रय किया जा रहा है ।
भरूचका यह क्षेत्र अशान्त क्षेत्र अधिनियमके अन्तर्गत आता है । ऐसेमें वहां होनेवाले क्रय विक्रयपर प्रशासनकी सूक्ष्म दृष्टि आवश्यक है । तब भी नियम ताकपर रखकर उस स्थानको मुसलमान बहुल बनाया गया है । इस कार्यप्रणालीके अन्तर्गत, किसी हिन्दूको भवन क्रय करवाया जाता है । नूतन स्वामी एक या दो माहके भीतर वह भवन किसी मुसलमानको विक्रय कर देता है । इस प्रकार क्षेत्र मुसलमान बहुल बनाया जाता है । मुसलमान बहुल होते ही वे हिन्दुओंके सामूहिक मिलन समारोहोंपर आपत्ति करते हैं, सार्वजनिक रूपसे पशुओंकी हत्या करते हैं, जो शाकाहारी हिन्दुओंके लिए असहनीय हो जाता है ।
वहांके हिन्दू निवासियोंने इस सम्बन्धमें २ सितम्बर २०२१ को गुजरातके मुख्यमन्त्रीको पत्र लिखकर जनसङ्ख्या सन्तुलनपर अपनी व्यथा व्यक्त की है । कुछ हिन्दू मध्यस्थोंको इस विक्रयके लेन-देन हेतु धनका प्रलोभन भी दिया जाता है ।
देशके अनेक राज्योंमें यह समस्या विकट स्वरूप ले रही है । जहां इनकी जनसङ्ख्यामें वृद्धि होती है, ये हिन्दुओंके लिए कष्टकर होते हैं । इन क्षेत्रोंमें रहवासी महिलाएं भी असुरक्षित होती हैं । प्रशासनको इसपर ध्यान देकर ऐसी समस्याओंको बढनेसे रोकना चाहिए । ऐसे संवेदनशील स्थानोंके लिए क्रय-विक्रय सम्बन्धी निर्मित विधानोंका पालन उचित प्रकारसे हो तो ऐसी समस्याओंका निराकरण सम्भव है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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