जुलाई ७, २०१८
गुजरातके निलम्बित आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट एक बार फिर से विवादमें घिर गए हैं । इस बार उन्होंने हनुमानजीका बहुचर्चित चित्रका सन्दर्भ देते एक टिप्पणी की । इसके पश्चात उनके ‘ट्विटर’पर लोगोंने उनका बहुत उपहास किया; यद्यपि इसके पश्चात संजीव भट्ट फिर से ‘ट्विटर’पर उनका उत्तर देते हुए बोले कि उन्हें उनकी बातोंसे कोई अन्तर नहीं पडता है; लेकिन इस प्रकरणमें ये विवाद बढता जा रहा है ।
संजीव भट्ट गुजरात कैडरके १९८८ वर्गके आईपीएस अधिकारी हैं । २०११ में वह निलम्बित करदिए गए । वह मोदी शासनके विरुद्ध अपने लेखोंके कारण विवादोंमें रहते हैं । अब उन्होंने हनुमानजीका एक चर्चित चित्रका सन्दर्भ देते हुए लिखा – ‘क्या सीता इन हनुमानके साथ अपने आपको सुरक्षित महसूस करतीं ?’ उनके इस ‘ट्वीट’के पश्चात उनपर लोगोंका क्रोध फूट पडा !
उपभोक्ताओंने कहा, एक मां अपने पुत्रके साथ सदैव सुरक्षित होती है । कुछने संजीव भट्टके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाईकी भी मांग की । पत्रकार मानक गुप्ताने इसका उत्तर देते हुए लिखा – ‘लंकाको भेद कर सीता माताको सुरक्षित करनेके लिए ‘इसी हनुमान’की आवश्यकता थी । सीताजीने कैसा अनुभव किया ?, ये ‘ट्विटर’पर नहीं, रामायण पढकर या उसकी चलचित्र श्रृंखला देखकर पता चलेगा ! हनुमानजीका यह रौद्र रूप रावण जैसे राक्षसोंको भयभीत करनेके लिए था । आपको डर क्यों लग रहा है ?’
संजीव भट्ट २०१५ में निलम्बित कर दिए गए थे ! उनकी पत्नी केशूभाई पटेलके दलसे एक बार भाजपाके विरुद्ध मतदान भी लड चुकी हैं; लेकिन वह पराजित हो गई थीं । २००२ उपद्रव प्रकरणमें प्रधानमन्त्री मोदीके विरुद्ध बोलने वाले भट्ट प्रायः भाजपा और मोदीके विरुद्ध ‘ट्वीट’ और वक्तव्य देते रहते हैं ।
स्रोत : जी न्यूज
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