प्रार्थना – भावजागृतिका एक महत्त्वपूर्ण घटक (भाग – ७)


समष्टि प्रार्थना भाग – २
निष्काम प्रार्थना करनेसे ईश्वरीय कृपा सम्पादित होती है और वर्तमान कालमें हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना निमित्त की गई प्रार्थना कालानुसार साधना होनेसे यह हमारी आध्यात्मिक प्रगति हेतु भी पोषक है । हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना होनेसे सर्व समस्याओंका अन्त होगा एवं राम-राज्य समान हमारा व्यष्टि और समष्टि जीवन आनन्दसे भर उठेगा; अतः प्रतिदिन इसप्रकार कमसे कम ग्यारह बार प्रार्थना करें ।
“हे प्रभु, (अपने आराध्य/ आराध्याका ध्यानकर उनका नाम भी ले सकते हैं) हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना निमित्त होनेवाले सर्व अवरोधोंको आप ही दूर करें एवं इसकी स्थापना हेतु हमसे योग्य एवं हमारी क्षमता अनुरूप प्रयत्न करवाकर ले लें ! हम आपके शरणागत हैं ।”
हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना निमित्त अवतारी तत्त्वके साथ ही सप्तर्षि, देवी-देवता, उच्च कोटिके सन्त-गुरु, हिमालयके अनेक सन्त, सभीका तत्त्व कार्यरत हो चुका है एवं इस कार्य हेतु आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है; अतः इस निमित्त प्रार्थना करनेवाले जीवको ईश्वरीय कृपाका सम्पादन शीघ्र प्राप्त होता है ।– तनुजा ठाकुर (१५.१०.२०१७)



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