३ बच्चोंके पिताको ‘दहेज’में नहीं मिले ५ लाख, पत्नीको भ्रमणभाषपर दिया ‘तलाक’
३ सिंतबर, २०२१
भोपालमें ‘दहेज’के ५ लाख धनराशिकी मांगकी पूर्ति न होनेपर, पतिने ३ वर्षसे मायकेमें रह रही पत्नीको भ्रमणभाषपर ‘तीन तलाक’ दे दिया । इसके पश्चात ‘काजी’के पास जाकर, दूसरा ‘निकाह’ करनेकी इच्छा व्यक्त करते हुए, ‘तलाक’ अधिकृत होनेकी सूचना भी मांगी; परन्तु ‘तीन तलाक’ विधानके भयसे ‘काजी’ने कुछ भी उत्तर नहीं दिया ।
इस्लाम नगरमें रहनेवाली २७ वर्षकी एक युवतीका ‘निकाह’ वर्ष २००९ में टीकमगढ जनपदके काजी मोहल्ला जतारामें रहनेवाले शफीक काजीसे हुआ था । दोनोंके तीन बच्चे भी हैं । शफीक एक भोजनालयमें रसोइया है ।
युवतीने ‘थाने’में दिए अपने परिवादमें आरोप लगाया है कि गत ३ वर्षसे ससुराल पक्षके लोग उसे ‘दहेज’के लिए पीडित कर रहे हैं । सास और देवर, ‘दहेज’में ५ लाखकी धनराशि और ‘मोटरसाईकिल’की मांग कर रहे है और पति भी उनका साथ देता था । धन न मिलनेपर उसके पतिने उसे भ्रमणभाषपर ही तीन बार ‘तलाक’बोल कर सम्बन्ध समाप्त कर लिया ।
पुलिसने युवतीके परिवादपर पति शफीक काजी, सास नाजरा बेगम और देवर नफीस काजीके विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट कर लिया है ।
जिहादी ‘तीन तलाक’ विधान बननेके पश्चात भी उसका पालन नहीं कर रहे है । इसीसे ज्ञात होता है कि शासनको कठोर होना पडेगा, जिससे समाजमें विधानके प्रति भय उत्पन्न हो । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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