सितम्बर ४, २०८
मोदी शासनद्वारा दलितोंके विरोधको दूर करनेके लिए ‘अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम’में संशोधनके पश्चात इसे मूल रूपमें लानेका निर्णय तूल पकडता जा रहा है । सवर्ण समाजमें ‘एससी/एसटी एक्ट’में हुए संशोधनके विरुद्ध काफी क्रोध देखनेको मिल रहा है । ‘एससी/एसटी एक्ट’के विरोधमें आज ग्वालियरमें बडी रैली निकाली जा रही है । वहीं रैलीके समय हिंसाकी आशंकाके कारण मध्यप्रदेशके कई प्रान्तोंमें धारा १४४ लगा दी गई है । पहले शिवपुरी और अब भिण्डमें धारा १४४ लागू की गई है । यह आंदोलन समूचे राज्यमें फैलता जा रहा है, जिससे भाजपाके साथ ही कांग्रेसकी भी नींद उडी हुई है ।
बता दें इस अधिनियमपर २ अप्रैलको आए उच्चतम न्यायालयके निर्णयके पश्चात दलित वर्गने इसका विरोध किया था, जिसके कारण ग्वालियर, चम्बल और शिवपुरीमें काफी हिंसा फैली थी । शासनके इसे इसे मूल रूप से बहाल करनेके निर्णयपर सवर्ण समाज भी एकजुट होकर आन्दोलनके लिए आगे बढा है । इसके विरोधमें आज ग्वालियरके फूलबाग मैदानमें स्वाभिमान सम्मेलनका भी आयोजन किया जाएगा । इस सम्मेलनमें क्षत्रिय महासभा, गुर्जर महासभा और परशुराम सेना भाग लेंगी । साथ ही प्रवचनकार देवकीनन्दन ठाकुर भी इस सम्मेलनमें आएंगे ।
बता दें इस अधिनियमके विरोधमें सवर्ण समाज आज ग्वालियरमें वाहन रैली निकालेगा । यह वाहन रैली अचलेश्वर महादेव मन्दिर से आरम्भ होकर मोतीमहल पहुंचेगी, जहां सवर्ण समाज सम्भाग आयुक्तको राष्ट्रपतिके नाम ज्ञापन सौंपेगा । यह रैली आज प्रातः ११ बजे आरभ होगी, जिसके पश्चात रैली समूचे नगरमें यह रैली निकाली जाएगी ।
“‘पहले हिन्दुओंको जाति आधारपर विभाजित करना, फिर एक-दूसरेके विरोधमें खडा करना’, इन राजनेेता रूपी नरपिशाचोंका यही कार्य रहा है” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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