जुलाई ८, २०१८
‘उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड’के अध्यक्ष वसीम रिजवी सदैव अपने वक्तव्यके कारण समाचारोंमें रहते हैं । एकबार फिर वे अपने वक्तव्यके कारणसे समाचारोंमें हैं । उन्होंने कहा कि दाढी रखना ‘सुन्नत’ है; लेकिन दाढी रख कर मूंछ न रखना ‘सुन्नत’ नहीं है । ऐसा करनेसे मुख भयावह हो जाता है और बिना मूंछके दाढी रखने वाले मुसलमान कट्टरपन्थी सोचके होते हैं । ऐसे ही कुछ लोग हैं जो देश और विश्वके लिए आतंककी पहचान बन चुके हैं । ऐसे लोगोंसे विश्व परेशान है । बिन मूछोंके दाढी रखकर अपना मुख भयावह बनाना, जिससे लोगोंमें भय पैदा होता है, शरिया इसकी आज्ञा नहीं देता है ।
वसीम रिजवीने ऐसे लोगोंको लक्ष्य करतेे हुए कहा कि ऐसे ही कुछ कट्टरपन्थी विचारोंके लोग शरीयतका आश्रय लेकर लोगोंके निजी जीवनमें हस्तक्षेप देकर फतवे (आदेश) देते हैं । इससे इस्लामका कोई लेना-देना नहीं है । ‘बिन्दी’ लगाना या मांग भरना महिलाओंकी सौभाग्यके चिह्न हैं । यह पवित्र प्रथा कभी व्यर्थ नहीं हो सकती ।
वसीम रिजवीने कहा कि इस तरहके आदेश देने वाले मुल्लाओंके विरुद्ध देशद्रोहका अभियोग होना चाहिए, क्योंकि भारतीय संविधान और भारतीय विधानसे भिन्न अपना विधान बनाना या नागरिकोंके लिए नियम बनानेका अधिकार किसीको नहीं है !
उन्होंने कहा कि भारतमें कुछ ऐसे मुस्लिम हैं, जो कश्मीरमें ‘आइएसआइएस’का ध्वज देखकर, भारतमें ‘जिहाद’ करनेका स्वप्न देखते हैं । वे सोचते हैं कि इस प्रकारसे भारतमें वे कट्टरपन्थी इस्लामिक शासन स्थापित कर लेंगे ! इनके अपवित्र विचार भारतमें बडे स्तरपर उपद्रवकी ओर संकेत कर रही है । उन्होंने कहा कि समय रहते ही इन कट्टरपन्थी मुल्लाओंके विरुद्ध सख्त कार्रवाईकी जानी चाहिए ।
स्रोत : जी न्यूज
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