जुलाई ७, २०१८
एक लघु चलचित्रमें (शॉर्ट फिल्म) ‘बिन्दी’ लगानेपर कक्षा ५ की छात्राको मदरसेसे बाहरका रास्ता दिखा दिया गया ! लघु चलचित्रमें उसे अभिनयका कार्य मिला था । उसमें दृश्यकी आवश्यकताके अनुसारे छात्राको ‘बिन्दी’ लगाकर अभिनय करना था ।
इस दृश्यको लेकर मदरसेसे सम्बन्धित लोगोंने विवादको जन्म दे दिया ! विवाद बढता देख मदरसेके प्रशासनिक विभागने पांचवी कक्षामें पढने वाली छात्राके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाईकरते हुए उसे बाहरका रास्ता दिखा दिया !
प्रकरण केरलके कोझिकोड क्षेत्रका है । छात्राके विरुद्ध मदरसेकी कार्रवाईपर क्रोधित पिताने सामाजिक प्रसाद माध्यमका आश्रय लिया और अपना दुःख बताया । उन्होंने अपने लेखमें लिखा है कि उनकी बच्ची भाग्यशाली थी कि मदरसेसे बचकर चली आई, इसमें कोई शक नहीं कि उसपर पत्थर भी फेंके जा सकते थे !
छात्राके पिता उमर मलयिलके लेखको एक दिवसमें ७००० ने पसन्द किया है और २५०० लोगोंने सांझा किया है । सहस्त्रों लोगोंने छात्राके साथ हुए कृत्यपर कट्टरपन्थियोंकी निन्दा की है ।
पिताने लिखा है कि उनकी १० वर्षकी पुत्री शिक्षा, संगीत, नृत्य सभी क्षेत्रोंमें अच्छी है। उसने विद्यालय और मदरसा स्तरकी प्रतियोगिताओंमें कई पारितोषिक जीते हैं । उसकी इन प्रतिभाओंको अनदेखा करते हुए मदरसाने उसके विरूद्ध कार्रवाईकी है । मेरी पुत्रीकी चूक केवल इतनी थी कि उसने मस्तकपर ‘बिन्दी’ लगा ली ।
छात्राके पिताके लेखपर अधिकतर लोगोंने मदरसेकी कार्रवाईके विरोधमें कहा है । कुछ लोगोंने मदरसेकी कार्रवाईके समर्थनमें लिखा है कि ‘बिन्दी’ लगाना इस्लाम और ‘शरिया’के विरुद्ध है ।
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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