बिन्दुका (नुक्ताका) प्रयोग हिन्दी भाषामें न करें |


हिन्दी भाषामें उर्दू समान कुछ शब्दोंके नीचे बिन्दु अर्थात नुक्ता लगानेसे हिन्दीकी सात्त्विकता घट जाती है । उदाहरण हज़ार, पकड़, पढ़ाई आदि । संस्कृत देवभाषा है, संस्कारोंकी भाषा है तथा हिन्दी भाषाकी जननी है; अतः संस्कृत समान ही हिन्दीमें भी शब्दोंके नीचे बिन्दु (नुक्ता) नहीं दिया जाना चाहिए ! वेदोंमें शब्दोंके नीचे बिन्दुका प्रयोग नहीं किया गया है, तथापि वेदोंके उच्चारणमें सहस्रों वर्षोंसे कोई अन्तर नहीं पडा । वर्तमान कालमें आंग्लभाषामें (अंग्रेजीमें) भी बिन्दुका प्रयोग नहीं किया जाता है, तथापि पूरे संसारमें इस भाषाके प्रयोगमें कोई बाधा नहीं आती । – परात्पर गुरु, डॉ जयन्त आठवले



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