मई ५, २०१९
भारतीय जनता पार्टीके नेता और केन्द्रीय मन्त्री जयन्त सिन्हा एक बार पुनः विवादमें फंस गए हैं । लोकसभा चुनावके लिए प्रचार अभियानकर सिन्हाने आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’के मुखिया मसूद अजहरको ‘जी’ कहकर सम्बोधित कर दिया । इसके पश्चातसे ही उन्हें आलोचनाका सामना करना पड रहा है ।
प्रकरण उस समयका है, जब सिन्हा रामगढ जनपदमें एक चुनावी रैलीको सम्बोधित कर रहे थे । इस मध्य उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषदमें मसूद अजहरको वैश्विक आतंकवादीके रूपमें सूचीबद्ध किए जानेमें केन्द्र शासनकी भूमिकाकी प्रशंसा की और मसूद अजहरको ‘जी’ कहकर सम्बोधित कर बैठे । जयंत सिन्हाने कहा, ‘यह राष्ट्रकी सुरक्षाके लिए एक बडा क्षण है । हमने जो कार्य किया है, वह सफल रहा है । अब मसूद अजहर ‘जी’को संयुक्त राष्ट्रद्वारा वैश्विक आतंकवादीके रूपमें नामित किया गया है ।’
अब, केन्द्रीय मन्त्री जयंत सिन्हाने आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’के मुखियाको मसूद अजहर ‘जी’ कहा है । जयंत झारखण्डके हजारीबाग निर्वाचन क्षेत्रसे २०१९ का लोकसभा मतदानमें प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं । मुख्य बात यह है कि जयंतसे पूर्व बिहारके पूर्व मुख्यमन्त्री जीतन राम मांझीने आतंकी मसूद अजहरको ‘साहेब’ कहकर बुलाया था, जिसपर भाजपाने कडी आपत्ति प्रकट की थी ।
“कोई अपने भाषणमें आतंकवादीको जी तब कहता है, जब या तो उसे सत्यमें ही आतंकवादीसे सहानुभूति हो या भाषण कलाका ही ज्ञान न हो । अब आतंकवादीसे तो भाजपा प्रेम कर नहीं सकती तो कारण स्पष्ट है कि नेताजी कुछ भी बोलनेके लिए या वोट एकत्र करनेके लिए वक्तव्य देनेके लिए आए थे तो ऐसेमें अधिक मीठा बोलनेकी नेताओंकी वृत्ति मन्त्रीजीको ले बैठी; इसलिए सच्चा वक्तव्य या भाषण वही दे सकता है, जिसमें राष्ट्रप्रेमकी भावना हो, जिसने कार्यको किया हो । आजके नेताओंको वास्तवमें केवल वोटसे ही काम है तो ऐसेमें जी निकले या नहीं बात उनके लिए एक ही रहती है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
Leave a Reply