अप्रैल २२, २०१९
भाजपा नेता और सिकंदराबादसे सांसद बंडारू दत्तात्रेयने रविवार, २१ अप्रैलको राज्य शासनसे कहा कि राज्यमें आतंकी गतिविधियों सम्बन्धित संदिग्धोंपर कडी देखरेख रखनेके लिए एक पुलिस महानिदेशक (आईजी) स्तरके अधिकारीकी नियुक्ति की जाए । वास्तवमें, बंडारूने यह आरोप लगाया है कि हैदराबाद इस्लामी आतंकवादी गतिविधियोंके लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल है । उनका कहना है कि पुलिस इसके विरुद्घ ठोस पग उठाते हुए कोई कार्यवाही इसलिए नहीं कर रही है; क्योंकि चंद्रशेखर रावके नेतृत्ववाली टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) शासन असदुद्दीन ओवैसीके ‘एआईएमआईएम’के साथ गठबंधन कर रही है ।
बंडारूने पत्रकारोंसे बात करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जांच विभाग ‘एनआईए’की जांचसे ज्ञात होता है कि हैदराबाद इस्लामिक आतंकवादी गतिविधियोंका एक सुरक्षित स्थल बन गया है और शनिवार, २० अप्रैलको ‘एनआईए’द्वारा तीन लोगोंको बन्दी बनाना अचम्भित करने वाला था । उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश भरमें कई लोग ‘आईएसआईएस’की ओर आकर्षित हो रहे हैं । बंडारूका कहना है कि हैदराबादसे अधिकतर लोग आतंकी संगठनोंमें प्रविष्ट हो रहे हैं । उन्होंने कहा कि राज्य शासनको करीमनगर, निजामाबाद, नलगोंडा और अन्य पड़ोसी संदिग्धों स्थानोंपर कडी दृष्टि रखनी चाहिए ।
प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीने भी कहा था कि टीआरएस अध्यक्ष और मुख्यमन्त्री के. चंद्रशेखर राव ‘कारके चालक’ हो सकते हैं; परन्तु ‘स्टीयरिंग’ वास्तवमें ‘एआईएमआईएम’द्वारा नियंत्रित है अर्थात ‘टीआरएस’ शासन जो भी निर्णय लेती है, उसमें अप्रत्यक्ष रूपसे ‘एआईएमआईएम’का भी हाथ होता है ।
उल्लेखनीय है कि वर्ष २०१६ में, ‘एनआईए’ने इस प्रकरणमें आरोपपत्र प्रविष्ट किया था और चार आरोपियोंको बन्दी बनाया था । इस मध्य ‘एनआईए’ने आरोपियोंके पाससे १३ भ्रमणभाष यन्त्र, ११ सिम कार्ड, एक आईपैड, दो लैपटॉप, एक बाहरी ‘हार्ड डिस्क’, ६ ‘पेन ड्राइव’ आदि पाए गए थे ।
“प्रायः देखनेमें आया है कि मुस्लिम बहुल स्थान आतंकियोंके लिए स्वतः ही सुरक्षित स्थल बन जाता है, तदोपरान्त कुछ लोग आतंकवादका धर्म देखनेको सज्ज नहीं होते हैं । गत वर्षोंमें धर्मनिरपेक्षोंका राग अलापते-२ कई ऐसे आतंक स्थल पनपे हैं, जो कि नहीं होना चाहिए था ! अब जब यह संकट भारतपर आ ही गया है तो इससे सूझ-बूझसे निपटना होगा ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
Leave a Reply