मार्च २४, २०१९
बीजेपीके सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामीने अपने ही शासनपर लक्ष्य साधते हुए कहा है मैं चौकीदार नहीं हूं, मैं ब्राह्मण परिवारसे सम्बन्ध रखता हूं । देहलीमें लोकसभा चुनावसे ठीक पूर्व प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदीद्वारा ‘मैं भी चौकीदार’ अभियानका आरम्भ किया गया और पूरा देश इस अभियानका समर्थन करता दृष्टिगत हुआ है; परन्तु भारतीय जनता पार्टीके सांसद सुब्रमण्यम स्वामीने अपने ही शासनपर लक्ष्य साधते हुए इस अभियानसे पल्ला झाड लिया है । उन्होंने कहा, “मैं ब्राह्मण परिवारसे सम्बन्ध रखता हूं; इसलिए मैंने अपने नामके साथ चौकीदार नहीं लगाया । मेरा चौकीदार मेरे निर्देशानुसार कार्य करता है । ऐसेमें मैं अपने नामके साथ चौकीदार कैसे लगा सकता हूं ?”
उल्लेखनीय है कि प्रधानमन्त्री मोदीद्वारा चलाए गए इस अभियानको समूचे देशसे समर्थन मिल रहा है । इस अभियानके अंतर्गत अमित शाह, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और स्मृति ईरानी जैसे लगभग सभी बीजेपी नेताओंने अपने ‘ट्वीटर खाते’पर अपने नामके पूर्व ‘चौकीदार’ शब्द जोड लिया है । प्रधानमन्त्री मोदीने भी अपने ‘ट्वीटर’ खातेपर अपने नामके पूर्व ‘चौकीदार’ शब्द जोडा है । ऐसेमें सुब्रमण्यम स्वामीका इस अभियानमें सम्मिलित न होना बीजेपीके विरुद्ध विद्रोहका बिगुल नाद लग रहा है । ऐसा प्रथम बार नहीं है, जब स्वामीने प्रधानमन्त्री मोदी और बीजेपी नेताओंको अपने लक्ष्यपर लिया है ।
“हिन्दू संस्कृतिमें नामका विशेष महत्त्व है । नाममें तेज होता है; अतः किसी भी स्थितिमें उसे अन्य अर्थ देकर विकृतनहीं करना चाहिए ! वस्तुतः यदि सत्य कहा जाए तो शुद्ध राजनीतिके लिए इसकी आवश्यकता नहीं है । राजा सदैव चौंकीदार नहीं हो सकता है । वह सत्यनिष्ठ चौंकीदार नियुक्त कर सकता है, जो उसके लिए कार्य कर सकते हैं और यदि वास्तवमें देखा जाए तो जनतासे सम्पर्क निम्न अधिकारी ही साधते हैं, जिन्हें राजा ‘चौंकीदार’ नियुक्त करता है । राजा यदि सत्यनिष्ठ हो और निम्न अधिकारी भ्रष्ट तो उसका कोई लाभ नहीं होता है !! हमें सत्यनिष्ठ राजा तो मिला है; परन्तु निम्न स्तरपर सत्यकी स्थापना हेतु धर्मराज्यकी आवश्यकता है और उसके लिए प्रत्येकके लिए नाम विकृत करनेकी आवश्यकता नहीं है, उसके लिए कुछ प्रखर निर्णयोंकी आवश्यकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : टाइम्स नाउ
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