सितम्बर १७, २०१८
झारखण्डके गोड्डा लोकसभा क्षेत्रसे बीजेपी सांसद निशिकान्त दुबेने एक चित्र अपने ‘फेसबुक’पर सांझा किया है । इस चित्रमें सांसद होनेके पश्चात भी उनका एक कार्यकर्ताने उनके पांव धोकर पानी पी लिया और सांसदने कार्यकर्ताको ऐसा करनेसे नहीं रोका । इसके विपरीत उन्होंने ‘फेसबुक’पर अपने इस चित्रको सांझा भी कर दिया । यह चित्र सामने आनेके पश्चात निशिकान्तकी सामाजिक प्रसार माध्यमपर आलोचना हो रही है, वहीं विपक्ष भी आक्रामक हो रहा है ।
इसके पश्चात भी डॉ. दुबे रुके नहीं ! उन्होंने आलोचना करने वालोंके लिए रात ९ बजे ‘फेसबुक’पर एक और लेख लिखा, जिसमें उन्होंने संस्कृति और इतिहास बताते हुए लिखा, “अपनोंमें श्रेष्ठता बांटी नही जाती और कार्यकर्ता यदि प्रसन्नता पैर धोकर प्रकट कर रहा है तो क्या विचित्र हुआ ? पैर धोना तो झारखण्डमें अतिथिके लिए होता ही है, सारे कार्यक्रममें आदिवासी महिलाएं क्या यह नहीं करती हैं ? इसे राजनीतिक रंग क्यूं दे रहे हैं ? अतिथिके पांव धोना अनुचित है तो अपने पूर्वजोंसे पूछिए कि महाभारतमें कृष्णजीने क्या पैर नहीं धोए थे ? धिक्कार है, घटिया मानसिकता पर !’
डॉ. दुबेकी इस टिप्पणीके पश्चात उनकी आलोचना और भी बढ गई । यद्यपि, भाजपाके शीर्ष नेताओंकी ओर से इसपर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है ।
“राजनेताओंको सिरपर बैठाने और अन्धभक्तिका ही परिणाम है, जो यह राष्ट्र रसातलमें है ! अपने नेताओंसे प्रश्नकर धर्महितमें कार्य करनेके स्थानपर उनके पद प्रक्षालन करना ही उनके अहंकारको सातवें आसमान तक ले जाता है और वे सेवक होनेके पश्चात भी प्रजाका लहू पीते है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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