बहिष्कार करें ! ‘हिदुस्तान युनीलिवर’ने किया कुम्भका अपमान, बताया वृद्ध माता-पिताको छोडनेका स्थान !


मार्च ७, २०१९


उत्तर प्रदेशके प्रयागराजमें गत एक माहसे जारी कुम्भ मेला अब समाप्त हो गया है; परन्तु मेलेके समाप्त होते एक नूतन विवाद उत्पन्न हुआ है । देशकी बडी कंपनी ‘हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड’के चाय मार्का ‘ब्रुक बॉन्ड रेड लेबल’ एक विज्ञापनपर कईप्रकारकी आपत्ति आई हैं । ‘ब्रूक बॉन्ड रेड लेबल’ने एक विज्ञापन बनाया है, जिसमें पिता-पुत्रकी कहानी बताई गई है । विज्ञापनमें दिखाया गया है कि एक पुत्र अपने पिताको लेकर कुम्भमें जाता है और उन्हें वहां छोडकर आनेका प्रयास करता है, यद्यपि बादमें उसे अपनी चूकका आभास होता है और वह पुनः अपने पिताको साथ लेता है ।

इस विज्ञापनके प्रचारको लेकर ‘हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड’की ओरसे जो ट्वीट किया गया, उसके कारण विवाद बढता गया है । ‘एचयूएल’ने ट्वीट किया था कि कुम्भ एक ऐसा स्थान है, जहांपर वृद्ध लोगोंको छोड दिया जाता है, क्या ये दुःखकी बात नहीं है कि हम अपने वृद्धोंका ध्यान नहीं रखते हैं । ‘रेड लेबल’ चाय लोगोंको अपने बडोंका आदर करनेके लिए प्रोत्साहित करती है ।

इस विज्ञापनके प्रसारित होनेके पश्चात लोगोंने ‘ट्विटर’पर ‘एचयूएल’का विरोध करना आरम्भ किया । कई लोगोंने लिखा कि वह ‘एचयूएल’के सभी उत्पादोंका बहिष्कार करेंगे और लोगोंसे भी कहेंगें कि इसका प्रयोग न करें ।

योगगुरु रामदेवने भी ‘ट्विटर’पर लिखा, ‘’ईस्ट इंडिया कंपनीसे लेकर ‘यूनिलीवर’तक इनका यही असली चरित्र है, देशको आर्थिक-वैचारिक रूपसे दरिद्र करना और अपना आर्थिक उपनिवेशवाद बनाए रखना ही उनका एकमात्र लक्ष्य है, इनका बहिष्कार क्यों न करें ? इनके लिए प्रत्येक चीज सामान है, हमारे लिए माता-पिता भगवान हैं !’’

 


“भारतसे कोटि-कोटि रूपये देशसे बाहर ले जानेवाली इस कम्पनीका यही वास्तविक चरित्र है । इस कम्पनीका जहां मूल है, वह वही सभ्यता है, जिसने मानवको पशु समान रहना सिखाया, माता-पिताको वृद्धावस्थामें सडनेके लिए छोडना सिखाया और आज ये भारतको संस्कारोंकी शिक्षा दे रहे हैं और वह भी पवित्र कुम्भ व हिन्दुओंकी आस्थाका अपमान करके ! हिन्दू स्वयं व अपने वृद्ध माता-पिताको मोक्षकी कामनासे कुम्भ लेकर जाता है, न कि उसे वहां छोडनेके लिए ! हमारे यहां तो मृत माता-पिताको भी तिलाञ्जलिका विधान है ! ब्रूक बाण्ड इस वक्तव्यके लिए देशके समझ अनर्गल वक्तव्यके लिए क्षमा प्रार्थना करें ! हिन्दुओ ! स्वदेशी वस्तुओंका ही उपयोग करा करें, आपके दिए लाभसे ही यह कम्पनी कोटि रूपये अर्जितकर आपके ही आस्थास्थानोंका अपमान कर रही है, यह ध्यान रखें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : आजतक



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