सुब्रमण्यमने ‘ब्रज फाउण्डेशन’पर भ्रष्टाचारके आरोप लगाए और सीबीआई जांचकी मांग की


जुलाई २९, २०१८

भारतीय जनता पार्टीके वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामीने गैर-सरकारी संस्था ‘द ब्रज फाउण्डेशन’पर गम्भीर दोषारोपण करते हुए उत्तरप्रदेश शासनसे इसकी परिवाद (शिकायत) की है । स्वामीने इस संस्थापर अवैधानिक और आपराधिक गतिविधियोंमें लिप्त होनेका आक्षेप करते हुए, योगी शासनसे अभियोग प्रविष्ट कर ‘सीबीआइ’से जांच करानेकी मांग भी की है ।

स्वामीने ‘द ब्रज फाउण्डेशन’के अध्यक्ष विनीत नारायण और उनकी संस्थाके विरुद्ध आरोप-पत्र मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथके पास भेजा है । उन्होंने ‘ट्विटर’पर इसकी जानकारी दी । ‘दैनिक जागरण’ने जब प्रतिक्रिया लेनेके लिए नारायणको चलभाष किया तो उन्होंने कहा कि वह सीबीआईको सभी लिखित-पत्र सौंपने जा रहे हैं और शीघ्र जांच कर सच्चाई सामने लानेका आग्रह करेंगे ।

स्वामीने २८ जुलाईको योगीको भेजे आठ पृष्ठके पत्रमें ‘द ब्रज फाउण्डेशन’ और उसके सहयोगीपर ५७.६५ लाख रुपये लेनेके पश्चात भी ब्रज क्षेत्रका ‘मास्टर प्लान’ बनानेका कार्य पूर्ण न करनेका दोषारोपण किया है । स्वामीने यह भी कहा कि फाउण्डेशन ‘धाम सेवा’के नामपर उद्योगपतियोंसे पैसा लेता है और उसमें कुछका उपयोग कर शेषको स्वयं रख लेता है। स्वामीने इस संस्थापर कुण्डोंके संरक्षणके नामपर गरीब किसानोंकी भूमि अधिकृत करने, अनुसूचित जातिके लोगोंसे मारपीट करने, अवैध ढंगसे बालू उत्खनन करने और सरकारी पदाधिकारियोंको डराने-धमकानेका दोषारोपण किया है । स्वामीने मुख्यमन्त्रीसे आग्रह किया है कि उनकी परिवादको संज्ञानमें लेकर प्रकरण प्रविष्ट किया जाए और उनकी जांच ‘सीबीआइ’से करायी जाए ।

इस मध्य ‘द ब्रज फाउण्डेशन’का कहना है कि संस्था स्वामीके सभी आक्षेपोंका उत्तर प्रमाणपत्र सहित ‘सीबीआई’को सौंपने जा रही है । साथ ही सीबीआईसे यह भी अनुरोध किया जाएगा कि इन आरोपोंकी तुरन्त निष्पक्ष जांच कराई जाए । इन आरोपोंके सन्दर्भमें जो भी जानकारी मांगी जाएगी, फाउण्डेशन उसे उपलब्ध कराएगा । इसमें कहा गया है कि वे प्रत्येक जांचका स्वागत करेंगे और यह अपेक्षा रखेंगे कि दोषारोपण अनुचित सिद्ध होनेपर आरोप लगाने वाले अपना दण्ड अभी से स्वयं ही निर्धारित कर लें, ताकि उन्हें उनके विरुद्ध मानहानिका अभियोग प्रविष्ट न करना पडे ।

स्रोत : दैनिक जागरण 



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