ब्रिटिश शासनने स्वयंको खालिस्तान प्रकरणसे भिन्न किया, कहा- मेरा किसीको समर्थन नहीं


अगस्त १९, २०१८

ब्रिटेन शासनने इस माहके आरम्भमें लन्दनके ट्रैफलगार चौकपर खालिस्तानके समर्थनमें आयोजित रैलीके प्रकरणसे स्वयंको भिन्न कर लिया है । ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ नामके अलगाववादी संगठनने गत १२ अगस्तको तथाकथित ‘लन्दन घोषणा जनमत संग्रह २०२०’ रैली आयोजित की थी, जिससे राजनयिक विवाद खडा हो गया था; क्योंकि भारतने ब्रिटेनसे कहा था कि उसे ‘हिंसा, अलगाववाद और घृणा’ फैलाने वाले समूहोंको इस प्रकारके कार्यक्रमकी अनुमति देने से पू्र्व द्विपक्षीय सम्बन्धोंका ध्यान रखना चाहिए था । ब्रिटेन शासनके एक सूत्रने कहा, ‘‘यद्यपि हमने रैली होने की अनुमति दी, तथापि इसे किसीके समर्थन अथवा किसीके विरूद्ध हमारे विचारके रूपमें नहीं लिया जाना चाहिए ।’’

सिखोंके आत्मनिर्णयके अभियानपर ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ और ब्रिटेनके विदेश एवं राष्ट्रमण्डल कार्यालयके (एफसीओ) मध्य पत्राचारके समाचारोंके पश्चात यह टिप्पणी आई । ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ और ब्रिटिश शासनके प्रतिनिधियोंके मध्य किसी संक्षिप्त बैठककी सम्भावनाको नकारते हुए एफसीओने कहा, ‘‘वह सभी सम्बन्धित पक्षोंको मतभेदोंका समाधान वार्ताकेद्वारा करनेको प्रोत्साहित करता है ।’’

‘एफसीओ’ कार्यालयमें भारतके लिए अनाम डेस्क अधिकारीकी ओर से १७ अगस्तको लिखे गए पत्रमें कहा गया कि ब्रिटेन सभा करने और अपने विचार व्यक्त करनेके लिए लोगोंके स्वतन्त्र होनेकी अपनी दीर्घकालिक परम्परापर गर्व करता है । पत्रमें कहा गया, ‘‘ब्रिटेन शासन १९८४ की घटनाओं, अमृतसरके स्वर्ण मन्दिरमें हुई घटनाओंके सम्बन्धमें सिख समुदायकी भावनाकी शक्तिको मानती है । हम सभी देशोंको यह सुनिश्चित करनेके लिए प्रोत्साहित करते हैं कि उनके घरेलू विधान (कानून) अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार मानकोंको पूरा करें ।’’ ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ने एफसीओके उत्तरको अत्यन्त प्रोत्साहक बताया ।

स्रोत : जी न्यूज



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution