अप्रैल २५, २०१९
बहुजन समाज पार्टीके पूर्व एमएलसी और खनन माफिया मोहम्मद इकबालके विरुद्घ प्रवर्तन निदेशालयने (ईडीने) ‘मनी लॉन्ड्रिंग’के अन्तर्गत एक और अभियोग प्रविष्ट किया है । बताया जा रहा है कि इकबालने १०० से अधिक फर्जी कम्पनियां बनाकर उनमें अपने अवैध धनको इधरसे उधर किया है ।
सूत्रोंकी मानें तो इकबालने इन कम्पनियोंकेद्वारा अरबोंके अवैध धनका हेर-फेर किया है । जांचमें यह भी उजागर हुआ है कि इकबालकी पूर्व मन्त्री बाबू सिंह कुशवाहासे गहरी साठगांठ थी । बाबू सिंह कुशवाहा ‘एनआरएचएम’ घोटालेमें आरोपी हैं । बाबू सिंह कुशवाहाकी जांचके समय ही मोहम्मद इकबाल निदेशालयके लक्ष्यपर आया । वर्तमानमें निदेशालयके अतिरिक्त कई अन्य जांच विभाग भी इकबालके बारेमें जांच कर रहे हैं ।
इकबालके विरुद्घ ‘सेव इंडिया ग्रुप’ नामकी संस्थाने भिन्न-२ विभागोंमें परिवाद की है । इस संस्थाने इकबालसे जुडे कई साक्ष्य भी सौंपे हैं । उन्हींके आधारपर विभाग अपने ढंगसे जांच कर रही हैं । ‘सेव इंडिया ग्रुप’ने आरोप लगाया है कि इकबालने देहली समेत कई नगरोंमें ११५ से अधिक शैल कंपनियां खोली और उसने इन कम्पनियोंमें कोटि रुपयोंके अवैध धनका निवेश किया । जब विभागने जांच आरम्भ की तो ज्ञात हुआ कि अधिकतर शैल कंपनियोंमें इकबालके निकटवर्ती, नौकर, खानसामा व चालक संचालक (डायरेक्टर) हैं !!
लगभग १० वर्ष पूर्व सहारनपुरमें फलोंकी दुकान लगानेवाला मोहम्मद इकबाल १० वर्षोंमें अरबोंका स्वामी बन गया, यह चमत्कार तो भारतीय राजनीतिका ही है । यूं ही यहां विधायक, सांसद आदि बननेके लिए लोग एक-दूसरेके प्राणोंकी भी चिन्ता नहीं करते हैं और समूचे अनैतिक कृत्य करते हैं । भारतीय राजनीतिमें इस अनैतिकता और लालचने ही छोटे-२ दलोंको जन्म दिया; परन्तु वे छोटे-२ दल ही अपने-२ राज्योंको जोंककी भांति चिपककर नष्ट कर देते हैं । उत्तरप्रदेश जैसे अनेक राज्योंका उदाहरण इसे सिद्ध भी करता है । अब इस स्थितिको परिवर्तित करनेके लिए हिन्दू राष्ट्रकी ही आवश्यकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : पर्दाफाश
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