जनवरी २३, २०१९
मध्य प्रदेशमें कांग्रेस सबसे बडे दलके रूपमें उभरी; परन्तु बहुमतसे दो सीट पीछे रह गई । बीएसपी और एसपीने कांग्रेसको समर्थन देनेका निर्णय किया और राज्यमें कमलनाथका शासन बन गया; परन्तु बैसाखीपर चल रहे शासनके लिए संकट बना हुआ है । गत दिनों मायावतीने स्पष्ट शब्दोंमें कहा था कि बीएसपी कार्यकर्ताओंपर से राजनीतिक अभियोगोंको नहीं हटाया गया तो वो समर्थनके बारेमें विचार करना पडेगा; परन्तु इस बार बीएसपी विधायकके विरोधी सुर सुनाई पड रहे हैं । बीएसपी विधायक रमाबाई अहिरवारका कहना है कि पार्टी ये नहीं चाहती है कि मध्य प्रदेशमें कर्नाटक जैसा स्थिति बने ।
उन्होंने कहा कि यदि कमलनाथ शासन उन्हें मन्त्री नहीं बनाती है तो वो न केवल उनका विरोध होगा, वरन दूसरोंका भी विरोध होगा । यही वो कांग्रेसको सशक्त बनानेकी दिशामें आगे बढ रहे हैं तो उन्हें हम लोगोंको सशक्त बनानेपर ध्यान देना होगा । कमलनाथ शासनको उन्हें मंत्रीका पद देना चाहिए ।
रमाबाई अहिरवार आगे कहती हैं कि बहन जी अर्थात बीएसपी मुखिया मायावतीके समर्थनसे कांग्रेस सत्तामें है । हम कमलनाथ शासनमें बीएसपीके दोनों विधायकोंके लिए मन्त्री पदकी मांग करते हैं । हम लोगोंने कर्नाटकका चित्रको देखा है, हम नहीं चाहते हैं कि कुछ उसप्रकारकी स्थिति यहां भी बने ।
“यह है आजकी राजनीतिका कटु सत्य ! सभी केवल खाने-खिलाने हेतु ही राजनीतिमें प्रवेश करते हैं । स्पष्ट है कि बीएसपी विधायक कोई देशप्रेमके लिए तो पद मांग नहीं रही हैं, अन्योंकी भांति वे भी राजनीतिक मलाई एकत्रित करना चाहती हैं; परन्तु असत्य और अधर्मपर टिके शासनके साथ यही होना उचित है; परन्तु राजनीतिमें फैले इस कचरेको दूर करनेके लिए अब केवल हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना ही अनिवार्य है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : न्यूज १८
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