मणिपुर भाजपा अध्यक्षकी मृत्युपर गोबर-गोमूत्र टिप्पणीसे किया उपहास : पत्रकार और नेता दोनोंको पुलिसने बनाया बन्दी
१७ मई, २०२१
पत्रकार वांगकेम और नेता लीचोंबमके ‘फेसबुक पोस्ट’में मणिपुर भाजपा अध्यक्ष सैखोम टिकेंद्र सिंहकी मृत्युके पश्चात उनका उपहास करते हुए अपमान किया गया । दोनोंके विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिताकी धारा १५३-ए और ५०५ -बी (२)के अन्तर्गत प्राथमिकी प्रविष्ट की गई थी और दोनोंको १७ मईतक पुलिस अभिरक्षामें रखा जाएगा ।
ज्ञातत्व हो कि गुरुवारको कोविड-१९ के कारण भाजपा नेता सैखोम टिकेंद्र सिंहकी मृत्यु हो गई । भाजपा अध्यक्षके निधनके पश्चात पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेमने अपने ‘फेसबुक पेज’पर लिखा था, “संथी संयुंग ना यादाबो, ओह!!! RIP #Rashikang_Kangyet Hayeng nga Chaani।” (गोबर-गोमूत्र ‘काम’ नहीं आया । निराधार तर्क । कल मैं मछली खाऊंगा।)
किसीकी मृत्युके समाचारके माध्यमसे भारतीय अवधारणाओं, मान्यताओं और चिकित्सा पद्धतियोंपर आक्रमण करना कुछ हिन्दूद्रोहियोंकी कुण्ठाके प्रकटीकरणका नित्य कार्य हो गया है । जिस गोबर-गोमूत्रके गुणोंके कारण अमेरिका जैसा राष्ट्र भी इस पद्धतिका ‘पेटेंट’ (एकाधिकार) प्राप्त करना चाहता है, उसका उपहास करना निश्चित ही किसी बडे षड्यन्त्रका भाग है, जिसका रहस्योद्घाटन होना अनिवार्य है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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