बांग्लादेशी आतङ्कीको २९ वर्षका कारावास, मुख्यमन्त्री ममताने लगाया था भारतीय संस्था ‘रॉ’पर आरोप 


१३ फरवरी, २०२१
     बंगालके बर्धमान जनपदमें २ अक्टूबर २०१४ को एक बम विस्फोट हुआ था । ‘एनआईए’के विशेष न्यायालयके न्यायाधीश सुभेन्दु समांताने इस अपराधके आरोपी बांग्लादेशी आतङ्की शेख कौसरको ५ आरोपोंमें ५-५ वर्ष तथा २ आरोपोंमें २-२ वर्ष अर्थात कुल २९ वर्ष कारावासका दण्ड घोषित किया है ।
        उल्लेखनीय है कि बर्धमान जनपदके खगरागढ क्षेत्रके एक भवनके प्रथम तलपर यह विस्फोट हुआ था । यहां जमात-उल-मुजाहिदीनके आतङ्कीयोंद्वारा बम निर्माण किए जा रहे थे; तभी किसी चूकके कारण अकस्मात हुए विस्फोटमें २ आतङ्कियोंकी मृत्यु हो गई थी । यहां ३३ आरोपियोंके विरुद्ध परिवाद प्रविष्ट किया गया था, जिसमें २ आरोपी अभीतक भागे हुए हैं ।  आतङ्की शेख कौसर बिहारके बोधगया विस्फोटका भी आरोपी है, जो विस्फोट जनवरी २०१८ में हुआ था ।
           बंगालकी मुख्यमन्त्री ममता बनर्जीने राजनीतिक महत्त्वाकांक्षाके कारण २०१४ के विस्फोटका आरोप उन दिनों भारतीय संविधानके अन्तर्गत कार्यरत संस्था ‘रॉ’पर लगा दिया था ।
            यह भारतका दुर्भाग्य है कि हमारे अनेक राजनेता ‘वोट बैंक’के प्रलोभनमें धर्मविशेषको निर्दोष बताते हुए आरोप किसी अन्यपर लगा देते हैं । मुम्बई आतङ्की आक्रमणमें भी अनेक राजनेताओंने हिन्दू आतङ्ककी कथा गढी थी । यह लज्जास्पद है । क्या ममता अब उनकेद्वारा लगाए गए असम्बद्ध आरोपपर क्षमा याचना करेंगी ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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