ममता शासनके विधायक व मन्त्री रहेंगे घरपर बन्दी, न्यायाधीशोंमें हुआ मतभेद


२१ मई, २०२१
 बंगालके विधायक और मन्त्री, चारोंको न्यायिक अभिरक्षामें भेज दिया गया । इन मन्त्रियोंको ‘सीबीआई’ने ‘नारदा स्टिंग’ प्रकरणमें अपने अभिरक्षामें ले लिया था । दो न्यायाधीशोंके मध्य मतभेद हो जानेसे, प्रकरण परिणामके लिए, प्रकरण उच्च पीठको सौंपा गया । एक न्यायाधीशने उन्हें प्रभूतिपर जाने देनेका निर्णय लिया, जबकि दूसरेने उन्हें अभिरक्षामें रखनेका निर्णय लिया । सहमति न होनेपर, प्रकरण उच्च पीठको सौंप दिया गया ।
    यह प्रकरण न्यायव्यवस्थाकी विसंगतियोंको स्पष्ट करता है । ऐसी विसंगत न्यायव्यवस्थाके परिवर्तन हेतु हिन्दू राष्ट्र चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution