नवम्बर ३०, २०१८

ऊपर जिस चित्रको आप देख रहे है, ये है झारखण्डके नगर रांचीका कारमेल विद्यालय, जिसे कारमेल कान्वेंट विद्यालय भी कहते है, ये विद्यालय इसाई मिशनरियोंद्वारा संचालित है
इस विद्यालयने एक हिन्दू अध्यापिका नलिनी नायकको नौकरीसे निकाल दिया, और आप जानकर हैरान हो जायेंगे कि नलिनी नायकको नौकरीसे क्यों निकाला गया ?
इस विद्यालयने नलिनी नायकको धर्मपरिवर्तन करनेके लिए कहा – विद्यालयने नलिनी नायकको हिन्दू धर्म छोडकर ईसाइयत अपनानेको कहा और ऐसा न करनेपर मरवानेकी धमकी भी दी !
विद्यालयने नलिनीको कहा कि नौकरी करनी है तो इसाई बन जाओ और नहीं बनी तो नौकरी तो जाएगी ही साथ ही मरवा दिया जायेगा !
नलिनी नायकने रांची न्यायालयमें अपनी परिवाद प्रविष्ट करवाई और अब न्यायालयने इस प्रकरणमें अभियोगके आदेश दिए है, न्यायालयने नामकोम पुलिस थाणेमें अभियोग प्रविष्ट करनेका आदेश दिया है !
विद्यालयकी प्रधानाचार्याका नाम डेलिया है, साथ ही इस हिन्दू अध्यापिकाको ईसाइयत न अपनानेपर मरवानेकी धमकी देने वालोमें रेनिषा, तेरेसिता मैरी भी सम्मिलित है
देश भरमें इस प्रकारके सहस्रों मिशनरी, कान्वेंट विद्यालय है – यहांंपर हिन्दू नौकरीके लिए आए तो उनका धर्मांतरण करवाया जाता है, और बच्चोंका धर्मांतरण न भी करवाया जाए, फिर भी मानसिक रूपसे उनको इसाई बना दिया जाता है !
देशके ९९% धर्मनिरपेक्ष, वामपंथी, लव जिहादमें फंसने वाली लडकियां, कोवेंट विद्यालयोंमें पढे होते है !
स्रोत : दैनिक भारत
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