आयुर्वेद

घरका वैद्य – मक्का (भाग-३)


* ‘टी.बी.’के रोगियोंके लिए मक्का बहुत अच्छी औषधि है । ‘टीबी’के रोगियोंको या जिन्हें ‘टी.बी.’ होनेकी आशङ्का हो, प्रतिदिन मक्केकी रोटी खाना चाहिए । इससे टी.बी.’की चिकित्सामें लाभ होगा । * मक्केके बालका उपयोग पथरीके रोगोंकी चिकित्सामें होता है । पथरीसे बचावके लिए रातभर मक्कीके बालोंको (सिल्कको) पानीमें भिगोकर प्रातः ‘सिल्क’ हटाकर पानी पीनेसे लाभ […]

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घरका वैद्य – मक्का (भाग-२)


जब आप भुट्टे खाएं तो दानोंको खानेके पश्चात भुट्टेका जो भाग बचता है, उसे फेंकें नहीं; अपितु उसे मध्यमेंसे तोड लें और उसे सूंघें । इससे ‘जुकाम’में बडा लाभ मिलता है । तदुपरान्त इसे पशुको खानेके लिए डाल सकते हैं । यदि आप इसे पशुओंको नहीं देते हैं तो उन्हें सूखाकर रखें और उन्हें जलाकर […]

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घरका वैद्य – मक्का (भाग-१)


भुट्टेमें पौष्टिक तत्त्व ‘कार्बोहाइड्रेट’ प्रचुर मात्रामें पाया जाता है । इसमें मुख्य रूपसे ‘प्रोटीन’ होता है; तथापि इस ‘प्रोटीन’को अपूर्ण ‘प्रोटीन’ माना गया है; क्योंकि इसमें शरीरके लिए आवश्यक ‘अमीनो’ अम्ल जैसे ‘ट्रिप्टोफेन’, ‘सिस्टीन’ तथा ‘मिथियोनिन’ आदि अल्प मात्रामें होते हैं । सौ ग्राम भुट्टेके दानोंसे ३४० ‘किलो कैलोरी’ ऊर्जा प्राप्त होती है । भुट्टेके […]

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स्वस्थ रहने हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सूत्र (भाग-१३)


उष्ण (गर्म) जलकी अपेक्षा शीतल जलसे स्नान करना अधिक हितकारी क्यों होता है ? (भाग-अ) शीतऋतुमें गुनगुना जल होना चाहिए । शीतल जलसे शिथिलता आती है । उष्ण जलसे त्वचा शुष्क हो जाती है । प्रतिदिन शीतल जलसे स्नान करनेसे शरीरकी स्वच्छता हो जाती है । कई अध्ययनोंसे ज्ञात हुआ है कि प्रतिदिन शीतल जलसे […]

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स्वस्थ रहने हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सूत्र (भाग-११)


स्वस्थ रहने हेतु जलसे सम्बन्धित कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्योंका अवश्य करें पालन (भाग-ई) पानी कैसे पीना चाहिए ? • कभी भी गर्दन ऊपर करके गटागट पानी न पीएं; क्योंकि ऐसा करनेसे पानीके साथ-साथ बहुत सारी वायु भी हमारे पेट में चली जाती है, जिससे शरीरके आन्तरिक अंगोंपर दबाव पडता है । • खडे-खडे पानी न पीएं, […]

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स्वस्थ रहने हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सूत्र (भाग-१०)


स्वस्थ रहने हेतु जलसे सम्बन्धित कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्योंका अवश्य करें पालन (भाग-आ) पानी पीनेकी योग्य रीति और उपयुक्त समय * भोजन करते समय और भोजन करनेके कमसे कम ४५ मिनिट पश्चाततक पानी नहीं पीना चाहिए, इससे पाचन शक्ति दुर्बल होती है । * भोजनके पश्चात तुरन्त पानी पीनेसे शरीरपर मोटापा चढता है और मलावरोध (कब्ज) […]

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स्वस्थ रहने हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सूत्र (भाग-९)


स्वस्थ रहने हेतु जलसे सम्बन्धित कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्योंका अवश्य करें पालन (भाग-अ) शरीरमें होनेवाले अनेक रोगोंका मूल कारण, पाचन क्रियाका सुचारू रूपसे कार्य न करना होता है । अर्थात यदि रोगोंसे बचना है तो भोजनका सुचारू रूपसे समयसे पचना आवश्यक है और भोजनकी पाचन क्रिया, योग्य रीतिसे योग्य समयपर और योग्य मात्रामें पानी पीनेसे होती […]

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स्वस्थ रहने हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सूत्र (भाग-७)


स्वच्छताकी वृत्तिको करें आत्मसात रोगमुक्त रहनेके लिए स्वच्छ जीवन और स्वस्थ रहना अत्यधिक आवश्यक है । स्वच्छता अपनानेसे व्यक्ति रोगमुक्त रहता है । ‘हैजा’, अतिसार (पेचिश), ‘टायफॉइड’ जैसे अनेक रोग स्वच्छताका ध्यान नहीं रखनेके कारण होते हैं; इसलिए प्रत्येक व्यक्तिको जीवनमें स्वच्छता अपनानी चाहिए । स्वच्छता और अच्छा स्वास्थ्य हमें रोगोंसे दूर रखते हैं । […]

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साधना हेतु शरीरका हलका रहना अति आवश्यक है !


साधको, यदि आपसे शारीरिक श्रम अधिक नहीं होता है तो श्वेत शर्करा, तले हुए पदार्थ और आहार भी थोडा कम लें ! साधना हेतु शरीरका हलका रहना अति आवश्यक है । अपने शरीरके भारपर सदैव ध्यान देना चाहिए; क्योंकि स्थूल और जड देहसे अधिक सेवा नहीं हो सकती है । मोटापा अनेक रोगोंका कारण बन […]

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स्वस्थ रहने हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सूत्र (भाग-६)


पाचन शक्ति ठीक रखनी हो तो भोजन योग्य समयपर करें और प्रत्येक कौरको ३२ बार चबाएं ! जब आप चबा-चबाकर खाते हैं तो आपका पाचन तन्त्र, पाचनके लिए स्वयंको सिद्ध करता है । आप जितना चबा-चबाकर खाते हैं, पाचनतन्त्र उतनी ही उत्तम रीतिसे कार्य करता है । अच्छेसे चबाते हुए भोजन करनेसे, भोजन कई भागोंमें […]

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