हिन्दू राष्ट्र

धर्मधारा


ईश्वरका मारक तत्त्व इस ब्रह्माण्डमें कार्यरत हो चुका है; अतः सभी क्षेत्रोंके दुर्जन प्रवृत्तिके व्यक्तियोंने ‘शीघ्र अति शीघ्र’ अपनी चूकोंको स्वीकार कर कठोर प्रायश्चित्त स्वयं ही ले लेना चाहिए; अन्यथा ईश्वरकी जब लाठी बरसेगी, तब जग हंसाई तो होगी ही, साथ ही उनके कुलमें कोई उन्हें मृत्यु उपरान्त तिलाञ्जलि देनेवाला भी नहीं बचेगा ! सार्वजनिक […]

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शीघ्र ही हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना हो !


२०१६ में हमारी संस्थाद्वारा वार्षिक वस्त्र दानका कार्यक्रम झारखण्डके गोड्डा जनपदमें था । संस्थाद्वारा २५ ग्रामके विधवाओंको साडी वितरित करनेका नियोजन किया गया था । जब हमारे साधक श्वेत साडीका बडी संख्यामें क्रय करने हेतु थोक विक्रेताओंके पास गए तो उनके पास श्वेत साडी अधिक संख्यामें नहीं मिल पाई, जो हमारे लिए आश्चर्यका विषय था […]

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धर्मधारा


कर्नाटकमें सत्तासीन गठबन्धन दलोंमें मन्त्रालय पाने हेतु घमासान थमनेका नाम नहीं ले रहा है । जैसे घरमें यदि स्वार्थका बोलबाला हो तो वहां क्लेश व्याप्त रहता है, वैसे ही राज्यकर्ताओंमें यदि स्वार्थान्धता हो तो वे स्थिर शासन नहीं दे सकते हैं; क्योंकि उनके लिए स्वहित प्राथमिक होता है एवं राष्ट्र और समाजहित गौण होता है […]

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धर्मधारा


जिस कश्मीरमें सेनाके सैनिक या पुलिसकर्मीको अकेले देखते ही आतंकी एवं स्थानीय लोग उन्हें मारनेको झपटते हैं, उस स्थानपर आतंकियोंके विरुद्ध कार्यवाहीको ‘रमजानका माह है’, यह कहकर रोकना, इससे इस देशके सुरक्षाकर्मियोंके मनोबलका कितना क्षरण हुआ होगा, इसकी कल्पना करना भी कठिन है ! और उसके ऊपरसे गृहमन्त्रीद्वारा पथराव करनेवालोंको क्षमादान देनेकी बात कहना, यह […]

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नारी सम्मानका पोषण करनेवाले हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अनिवार्य


वर्तमान अराजक कालमें स्त्रियां अपने कुटुम्बके पुरुषोंके सङ्ग रहकर भी दुराचारी पुरुषोंसे सुरक्षित नहीं ! रामराज्यमें स्त्रियां अर्धरात्रिमें भी सारे आभूषण डालकर किसी निर्जन स्थानमें अकेले निर्भीक होकर कहीं भी आ -जा सकती थीं; किन्तु आज तो स्त्रियां यदि अपने कुटुम्बके पुरुष सदस्योंके साथ भी कहीं बाहर जाए तो दुराचारियोंद्वारा आघात होनेपर उस घरके पुरुष, […]

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धर्मधारा – निकृष्ट राजनेता


अब समझमें आया कि उत्तर प्रदेशके इतने सारे मुख्यमन्त्री शासकीय आवास क्यों नहीं खाली करना चाहते थे ? मैं सोचती थी कि शासकीय आवासमें ऐसा क्या है जो ये इतने सारे मुख्यमन्त्री अपनी कुण्डली जमाए हुए हैं ! समाचार सूत्रोंसे ज्ञात हुआ है कि दलितोंका उद्धार करनेका बीडा उठानेवाली मायावती ‘महोदया’ने अपने शासकीय बंगलेमें ‘मात्र […]

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धर्मधारा


भाजपा अगले चुनावमें विकासको मुख्य केन्द्र बिन्दु बनाएगी, यह भाजपाके एक प्रमुख नेताने कहा है | राजसत्ता टिकाए रखने हेतु विकास नहीं, धर्मका आधार लेना चाहिए ! विकासके मापदण्ड सदैव परिवर्तित होते रहते हैं; अतः यह एक अस्थिर घटक होता है | सत्ताको स्थिर और सशक्त रखनेके लिए शाश्वत धर्मका आधार लेना चाहिए ! किन्तु […]

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धर्मधारा


नक्सलियों और आतंकवादियोंसे इस देशको सुरक्षा देनवाले राजनीतिक पक्षको ही इस देशकी जनताने अब अपना प्रतिनिधि बनाना चाहिए । विकासकी अपेक्षा देशकी आन्तरिक सुरक्षा अधिक महत्त्वपूर्ण है, यह, राजनेताओं एवं जनता दोनोंको समझमें आना चाहिए और जो भी पक्ष खुलकर, ऐसे अराजक तत्त्वोंका समूल नाश करे, इसकी घोषणाकर उस दिशामें कार्य करे, उसे ही चुनावमें […]

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धर्मधारा


पाकिस्तान अपने कुकृत्योंसे बार-बार यह सिद्ध कर रहा है कि वह मानवतावादका पक्षधर नहीं ! कश्मीरमें उसका छद्म युद्ध करना, उसकी आसुरी वृत्तिका परिचायक है । ऐसे असुरोंका समूल संहार ही इस देशको सुरक्षा प्रदान कर सकता है । अब कोई छोटी-मोटी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ नहीं, निर्णायक युद्ध चाहिए । एक ऐसा युद्ध जिसके पश्चात यह […]

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हमारे श्रीगुरुका द्रष्टापन


ख्रिस्ताब्द २०१५ से आरम्भ 
ख्रिस्ताब्द २०१६ से २०१८, हिन्दू विरोधियोंके विजयकी चढती कमान 
ख्रिस्ताब्द २०१९ से २०२१, हिन्दू विरोधी तथा धर्मप्रेमियोंमें निर्णायक युद्ध (आरपारकी लडाई) 
ख्रिस्ताब्द २०२२ से २०२३, धर्मप्रेमियोंके विजयकी चढती कमान……

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