हिन्दू राष्ट्र

आगामी आपातकाल हेतु महत्त्वपूर्ण सूचनाएं (भाग – १)


आगामी कालमें सर्वत्र प्राकृतिक आपदाओंका प्रकोप होगा, यह बात अनके सन्त पिछले अनेक वर्षोंसे समाजको बता रहे हैं; किन्तु मैकाले शिक्षित हिन्दुओंको सन्तोंको इन बातोंपर विश्वास नहीं होता ! पिछले दो माहमें भारतके ६० % भागमें बाढने…..

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प्रकृतिके संकेत समझकर, उसके साथ खिलवाड करनेकी प्रवृत्ति छोड, साधनारत हों !


जब हमारे श्रीगुरु एवं अन्य सन्तवृन्द आनेवाले आपातकालके विषयमें बताते थे तो कुछ निधर्मी एवं तथाकथित बुद्धिजीवी उपहास करते हुए कहते थे यह सब व्यर्थकी बातें हैं | पिछले कुछ दिनोंसे सम्पूर्ण भारतमें भिन्न राज्यों व जनपदोंके जल-प्रलयकी विनाश लीला आजकलके मुख्य समाचार होते हैं ! यह तो मात्र आरम्भिक चरण है यदि समाज शीघ्र […]

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पदका दुरुपयोग करने वाले बदरीनाथ धाम के पुजारी !


जून २०१७ में मैं बदरीनाथ धाम गई थी । संध्या समयकी आरतीमें उपस्थित रहने हेतु हम सभीने (हम चार लोग थे) ३५० रुपए शुल्क देकर टिकिट ली और आरती देखने गर्भगृहमें पहुंचे । किन्तु मैंने देखा कि वहां इतनी भीड थी कि खडे रहनेका भी स्थान नहीं था …..

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निधर्मी लोकतंत्रमे हिन्दू अपने मुख्य तीर्थ अमरनाथमें निर्भीक होकर नहीं जा सकता !


सात दशक पश्चात् भी हिन्दू बहुल देशमें हिन्दू अपने मुख्य तीर्थ अमरनाथमें निर्भीक होकर नहीं जा सकता है ! ऐसे निधर्मी लोकतंत्रका शीघ्र नाश हो एवं हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना शीघ्र हो ऐसा महाकालके चरणोंमें प्रार्थना करती हूं !

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धर्मद्रोहियों, राष्ट्रद्रोहियों और समाजकंटकोंसे मुक्त होनेके लिए ईश्वरीय हस्तक्षेपक आवश्यक !


क्या आपको लगता है कि बिना ईश्वरीय हस्तक्षेपके यह देश धर्मद्रोहियों, राष्ट्रद्रोहियों और समाजकंटकोंसे मुक्त हो सकता है; अतः ऐसी लोगोंसे दुखी हैं वे साधना करें, भक्तकी पुकार सुनकर ईश्वर अवश्य ही हम सबका उद्धार करेंगे ! 

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भगवानके द्वारमें चोरी करना है अक्षम्य पाप !


कुछ समय पहले मध्य प्रदेशके एक सुप्रसिद्ध मंदिरमें गई थी तो मैंने देखा कि वहां स्टीलके लोटे, थाली और अन्य पूजन पात्र रखे हुए थे | मुझे रुद्राभिषेक करना था, मैंने वहांके पुरोहितसे पहले ही समय ले रखा था और वहां मैं प्रथम बार ही गई थी ! मैंने पुरोहितजीसे कहा, ये सब तो लोहेके […]

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नगरीकरण योजना करनेमें बुद्धिजीवियोंसे अच्छे हमारे पूर्वज !


नदी-तडाग और कुंओंका आधार मिटाकर आज सम्पूर्ण भारत जलके लिए त्राहि मां कर रहा है | नगरोंके विकासकी योजना बनाते समय मात्र ५० वर्ष पश्चात इससे क्या कष्ट हो सकता है, इसका विचार न करनेवाले क्या खरे अर्थोंमें बुद्धिजीवी कहे जा सकते हैं ? यदि नगरीकरणके योजना करते समय वर्षा संचयका गम्भीरतासे विचार किया गया उसे […]

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देशको आज पुनः महावीरोंकी आवश्यकता !


भारत ही इस विश्वका एक मात्र ऐसा देश होगा जहांके बहुसंख्यक हिन्दू अल्पसंख्यक धर्मांधोंसे भयसे अपना मूल स्थान एवं घर छोडकर विस्थापितोंका जीवन व्यतीत होते हैं ! क्या यह वही वीरोंका देश है जहां धर्मान्धोंके अत्याचारका प्रतिशोध लेने हेतु हिन्दू उनपर सिंह समान टूट पडते हैं ! इस देशको आज पुनः महावीरोंकी आवश्यकता है ! […]

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स्वार्थीनेताओंको सामान्यसा नियम पालन भी बना रहा है महान !


भाजपाके कुछ वरिष्ठ वयोवृद्ध नेता या पूर्व केंद्रीय मन्त्री, जो इस वर्ष चुनाव नहीं लडे थे, उन्होंने अपने शासकीय आवासको छोड दिया है इसलिए सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर लोग उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा कर उन्हें महान होनेकी उपाधि तक दे रहे हैं | वस्तुत: यह तो अति सामान्य सी बात है; किन्तु इस देशमें उत्तरदायित्वहीन एवं स्वार्थीनेताओंकी […]

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भारतमें गोवधपर प्रतिबन्ध क्यों नहीं लग सकता ?


यदि धर्मनिरपेक्ष नेपालमें गोवधपर प्रतिबन्ध लग सकता है और गायको राष्ट्रीय पशु घोषित किया जा सकता है तो भारतमें यह क्यों नहीं यह हो सकता है ?, इसपर सभी अवश्य विचार करे !

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