ममता बैनर्जीका सुरक्षा बलोंपर निराधार आरोप, चेतावनी देकर कहा कि स्मरण रखें हम भी सत्तामें आएंंगेंं !!


अप्रैल २४, २०१९


ममता बैनर्जीने केन्द्रीय सुरक्षा बलोंपर मतदाताओंसे भाजपाको बलपूर्वक वोट दिलानेका आरोप लगाया है । ममताने कहा कि मतदानके समय मतदान केन्द्रपर तैनात केन्द्रीय सुरक्षा बलोंके सैनिक मतदाताओंको भाजपाके पक्षमें वोट डालनेके लिए कह रहे हैं । ममता बैनर्जीने ‘सीआरपीएफ’ व अन्य विभागोंपर बडा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आयोगसे इसपर परिवाद भी प्रविष्ट कराई है । पश्चिम बंगालकी मुख्यमन्त्रीने कहा, “आज मुझे समाचार मिला है कि मालदा दक्षिण लोकसभा सीटके ‘इंग्लिश बाजार’में केन्द्रीय बलके अधिकारी मतदान केन्द्र संख्या १६६ और १६७ में घुसे और उन्होंने मतदाताओंसे भाजपाको वोट डालनेके लिए कहा । उन्हें ऐसा करनेका कोई अधिकार नहीं है । हमने उनके विरुद्घ एक आधिकारिक परिवाद प्रविष्ट कराई है ।”

उन्होंने साथ ही प्रश्न भी किया कि वे ऐसा क्यों करेंगें ? ममताने पूछा कि क्या ऐसा करना उनका कर्त्तव्य है ? ममता बैनर्जीने कहा, “मतदान अधिकारीकी अनुमति लिए बिना पुलिस मतदान केन्द्रके भीतर नहीं घुस सकती । हमें ईटाहारसे (बालुरघाट) भी ऐसे ही समाचार मिले हैं । वे पंक्तिमें खडे लोगोंसे भाजपाको वोट देनेके लिए कह रहे हैं । मैं केन्द्रीय बलों और राज्य पुलिस दोनोंके प्रति प्रेम रखती हूं; परन्तु उन्हें वैधानिक व्यवस्था बनाए रखनेतक स्वयंको सीमित रखना चाहिए और मतदाताओंको प्रभावित करनेका प्रयास नहीं करना चाहिए ।”

ममता बैनर्जीने केन्द्रीय सुरक्षा बलोंके सैनिकोंको चेतावनी देते हुए यह स्मरण रखनेका परामर्श दिया कि वर्तमान केन्द्र शासन सदैवके लिए नहीं है और कलको वो भी सत्तामें आएंगीं । ममताने कहा कि केन्द्रीय बल स्मरण रखें कि उन्हें हमारे साथ भी काम करना पडेगा । ममताने कहा कि पश्चिम बंगालमें केन्द्र शासनके कहनेपर चुनाव आयोगने सुरक्षा बलोंकी इतनी बडी संख्यामें नियुक्ति की है । उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्योंमें इतनी संख्यामें नियुक्ति नहीं की गई है । उन्होंने केन्द्र शासनसे पूछा कि बिहार, उत्तरप्रदेश और असममें सुरक्षा बलोंकी कितनी ‘कम्पनियां’ भेजी गई हैं ? उन्होंने चुनाव आयोगको भी इसके लिए दोषी ठहराया ।

 


“ममता बैनर्जीजी अब क्या उचित है और क्या अनुचित है ?, यह गिनवा रही हैं तो यह उचित-अनुचित उस समय क्यों नहीं ध्यानमें आता है, जब मतदानमें उपद्रव होते हैं, साधारण नागरिक मरते हैं, विरोधी दलोंके कार्यकर्ताओंको उनके दलके गुण्डे मार देते हैं, तब वे मौन क्यों रहती हैं ? वैसे तो उनका यह आरोप केवल और केवल अपनी निष्क्रियता और जो बंगालमें हत्याएं हो रही हैं, उसको छिपाने हेतु ही है; परन्तु यदि यह सत्य भी है तो भी उचित प्रतीत होता है; क्योंकि जब महाआपदा आन पडे तो उचित-अनुचित भूला दिया जाता है और बंगालमें जिसप्रकार आतंक प्रसारित हो रहा है, रोहिंग्या उपद्रव कर रहे हैं और हिन्दुओंके अस्तित्वपर ही बात बन आई है तो यह भी उचित प्रतीत होता है और ममताजी चिन्ता न करें, आजका जागृत भारत वह दिन कभी नहीं आने देगा कि आप केन्द्रकी सत्तामें आए और समूचे देशको बांग्लादेश बना दें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : ऑप इण्डिया



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