विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल हैं उग्रवादी सङ्गठन, मोदी हिटलर, दक्षिण पन्थ ‘फासी’वादी, केरलके व्याख्याता गिल्बर्टका कक्षामें व्याख्यान
२२ अप्रैल, २०२१
‘सेंटर यूनिवर्सिटी ऑफ केरल’के व्याख्याता गिल्बर्ट सेबेस्टियनने हिन्दू विरोधी आपत्तिजनक टिप्पणी की है । वे विश्वविद्यालयके शिक्षक संघके सचिव भी हैं । वे ‘जेएनयू’से ‘पोस्ट डॉक्टरल फेलो’ हैं । ‘फासी’वाद और ‘नाजी’वादपर उनकेद्वारा कक्षामें विद्यार्थियोंको दिए गए व्याख्यानमें उन्हें हिन्दू धर्म, स्वास्तिक, संघ, भाजपा और हिन्दू सङ्गठनोंपर आपत्तिजनक टिपण्णी करते हुए सुना जा सकता है । उनका दृश्यपट ‘वायरल’ हुआ है, जिसमें वे कहते हैं कि जैसे ३० के दशकमें इटलीमें मुसोलिनी तथा जर्मनीमें हिटलरने प्रलोभन देकर सत्ता प्राप्त की; उसी प्रकार चाकरी, अधिक वेतन आदिका प्रलोभन देकर दक्षिणपन्थ सत्तामें आया, जिसमें धनाढ्य तथा मध्यम वर्गने उनकी सहायता की है । उन्होंने कहा कि भाजपाने यही किया है । उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति तथा श्रमिकोंको भाजपापर विश्वास नहीं है ।
उन्होंने कहा कि नाजियोंका स्वास्तिक तथा भारतका स्वास्तिक चिह्न एक ही है । उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा विश्व हिन्दूपरिषदकी तुलना इटलीके ‘ब्लैक शर्ट’ तथा जर्मनीके ‘ब्राउन शर्ट’ धारियोंसे की । उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघको सभी हिन्दू सङ्गठनोंकी मां बताते हुए विश्व हिन्दू परिषद तथा बजरंग दलको उसके उग्रवादी सङ्गठन बताया । उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशमें बसे हिन्दुओंसे इन्हें धन प्राप्त होता है । उन्होंने हिन्दुओंको महिलाओंके विरुद्ध अत्याचार करनेवाला बताया । छात्रोंको उन्होंने कहा कि निर्भया काण्डका एक अपराधी नित्य पूजापाठ करता था । उन्होंने मोदीजीकी तुलना हिटलरसे की ।
व्याख्याता गिल्बर्ट सेबेस्टियनका यह व्याख्यान अतिशय आपत्तिजनक है । सम्पूर्ण विश्वमें उपद्रव कर लाखों मानवोंकी हत्या करनेवाले आतङ्कवादी किसी धर्मके हैं यह सर्वविदित है । विश्वके अनेक गिरिजाघरोंमें छोटे बालकों, बालिकाओंपर बलात्कार किस धर्मके धर्मगुरु करते दृष्टिगत होते हैं ? क्या वे सभी हिन्दू हैं ? केरलमें एक ईसाई धर्मगुरुपर उन्हींकी एक ‘नन’ने आरोप लगाया था यह भी सर्वविदित है । देशमें नित्य घटित होनेवाले बलात्कार, केरलमें भी बहुतायतसे होते ‘लव’जिहादी अपराध क्या हिन्दू सङ्गठन करवा रहे हैं ? हमारे देशमें अल्पसङ्ख्यकोंके नामसे अनेक सुविधाएं लेकर भी हमारे देशके नेताओं तथा धर्म विरुद्ध असत्य फैलानेवाले इस व्याख्याताको लज्जा आनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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