अभिनेत्रीने की थी मुगल घरानेमें विवाह, प्रसवके चौथे दिवस धर्मान्ध पतिने बाल घसीटकर घरसे निकाला !


नवम्बर २८ , २०१८

एकता कपूरके धारावाहिक ‘बडे अच्छे लगते हैं’से प्रसिद्ध हुईं अभिनेत्री चाहत खन्ना कुछ समयसे चर्चामें बनी हुई हैं । चाहत गत दिवसोंमें पति फरहान मिर्जासे अलग हो गईं । उनकी दो पुत्रियां हैं । दो वर्षकी जोहर और ११ माहकी अमायरा है । अब उन्होंने एक साक्षात्कारमें फरहान मिर्जापर उत्पीडनके कई आरोप लगाए, यद्यपि फरहानने इन सभी आरोपोंसे मना किया है ।


चाहतने बताया कि ‘मेरे ससुराल वाले मुगल घरानेसे सम्बन्ध रखते हैं । मेरे घरवाले नहीं चाहते थे कि मैं फरहान मिर्जासे विवाह करूं । विवाहसे ६ दिवस पूर्व जब मुझे उनके बारेमें ज्ञात हुआ तो मैंने मना कर दिया । तत्पश्चात एक दिनशवस फरहानकी नानीने मुझे समझाया । वो वृद्ध थीं, मैं उनकी बात मना नहीं कर पाई और विवाहके लिए मान गई, किन्तु प्रथम रात्रि ही मुझे ज्ञात हुआ कि वह योग्य मनुष्य नहीं है !’

‘फरहान मिर्जाके सामाजिक प्रसिद्धिसे लेकर, स्वभाव और व्यक्तित्व सब कुछ छल था । मेरा प्रथम विवाह भी सफल नहीं था । सामाजिक दबावके कारण भी मैं सहन करती रही, क्योंकि मुझे लगा कि इससे मेरा चरित्रण किया जाएगा । प्रत्येक दिवस मेरे चरित्रपर शंका की जाती थी और मुझे सिद्ध करना होता था कि मैं चरित्रवान हूं ! ससुरालवालोंके समक्ष फरहान ये सब कृत्य करता था !’

चाहतने बताया कि ‘फरहान अक्सर मुझे मारता था तब मेरी बेटी रोने लगती थी और उसके पैर पकडकर रोकनेका प्रया करती थी । मुझे लगा कि ऐसे सामाजिक दबावके कारण पुत्रियोंके जीवनको नष्ट नहीं कर सकती !’

चाहतने आगे बताया कि ‘मेरी दूसरी पुत्रीके जन्मके चौथे दिवस ही मारपीट की गई ! मेरे बाल पकड कर घरसे बाहर कर दिया गया ! यही नहीं फरहान आए दिन मुझपर शंका करता था । एक दिवस तो उसने मेरे और मेरे देवरके मध्य सम्बन्धके भी आरोप लगाए ! अब और सहन करना मेरे बसमें नहीं था । मैंने पारिवारिक न्यायालयमें तलाककी याचिका दी है । इसके पश्चात भी जीवन सरल नहीं हुआ है । जहां मुझे मुस्लिम समाजने काफिर कहा तो हिंदू समाजने अपशब्द कहें !’

“आजके युवा हिन्दी चलचित्रके भ्रामक प्रचारमें आकर धर्मान्धोंके लव-जिहादको समझ नहीं पाते और अपना जीवन नष्ट कर लेते हैं; अतः हिन्दू युवा-युवतियां इससे बोध लें और भली प्रकार इसे मस्तिष्कमें धारण कर ले कि धर्मान्ध कोई भी हो उसका उद्देश्य हिन्दू स्त्रीका जीवन नष्ट करना है ! अतः अब युवा स्वयं आगे आए व इसका प्रखर होकर विरोध करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



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