भूपेश बघेलका राष्ट्रविरुद्ध कृत्य, राष्ट्र ध्वजके स्थानपर कांग्रेसी ध्वज फहराया !!


जनवरी २७, २०१९

छत्तीसगढके मुख्यमन्त्री भूपेश बघेलने २६ जनवरीको तिरंगा ध्वज फहरानेके स्थानपर १९४७ के पूर्वका कांग्रेसका ध्वज फहराकर एक नूतन विवादको जन्म दे दिया है !

‘आइबीसी-२४’के अनुसार, शनिवार, २६ जनवरीको पूरा देश ७०वां गणतन्त्र दिवस मना रहा था । छत्तीसगढके मुख्यमन्त्रीने भी अपने राज्यके रायपुरमें पार्टी मुख्यालयमें ध्वजारोहण किया । इस कार्यक्रमका एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमे वह कांग्रेसका १९४७ के पूर्वका ध्वज फहराते दिख रहे हैं । बता दें कि यह ध्वज कांग्रेसद्वारा १९३१ में अपनाया गया था ।

इतना ही नहीं, एक राज्यके प्रतिनिधिने पहले पार्टी मुख्यालयपर ध्वज फहराया और उसके पश्चात ‘पुलिस परेड ग्राउंड’में, जबकि पहले ‘पुलिस परेड ग्राउंड’में ध्वज फहराना चाहिए था ।

स्वतन्त्रताके समय राष्ट्रीय आंदोलनके समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेसने १९३१ में कराची अधिवेशनमें एक तिरंगा ध्वज अपनाया था । इसे भी पिंगली वैंकेयाने ही बनाया था । इस तिरंगे ध्वजमें सफेद पट्टीके मध्यमें ‘चरखा’ था और हमारा जो राष्ट्रीय ध्वज है, उसमे श्वेत पट्टीके मध्यमें ‘अशोक चक्र’ है ।

 

“भूपेश बघेल छत्तीसगढके मुख्यमन्त्री हैं । वह इस समय एक संवैधानिक पदपर आसीन हैं । क्या एक उच्च सवैंधानिक पदपर आसीन व्यक्तिको इसप्रकारके राष्ट्र अवमाननाके कार्य शोभा देते हैं ? यह तो राष्ट्र ध्वजको परिवर्तन करने जैसा अपराध है । मुख्यमन्त्रीकी आस्था राष्ट्रकी ओर होनी चाहिए न कि दलकी ओर ! यह एक अक्षम्य अपराध है । केन्द्र इसपर संज्ञान लेकर कडीसे कडी कार्यवाही करें, अन्यथा इससे लोगोंमें अनुचित धारणा प्रसारित होगी ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : इपोस्टमोर्टम



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