मार्गपर नमाज पढ मुसलमान बच्चोंने किया शक्ति प्रदर्शन
१४ मार्च, २०२१
इन दिनों सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर एक चित्र द्रुत गतिसे प्रसारित हो रहा है जिसमें कुछ मुसलमान बच्चे मार्गमें बैठकर नमाज पढ रहे हैं । यह चित्र झारखंडके हजारीबागका है और इसकी सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर, हिन्दुओंद्वारा अत्यन्त आलोचना की जा रही है । कांग्रेस समर्थित मुख्यमन्त्री हेमंत सोरेनके प्रशासनद्वारा नमाज पढनेवालोंपर कार्यवाही करनेके स्थानपर ‘फोटो’ खींचकर इसे ‘वायरल’ करनेवाले ३ हिन्दुओंपर हिंसा भडकानेके प्रयासका आरोप लगाकर कारावास भेज दिया है ।
मार्गपर नमाज पढना हो या ‘लाउडस्पीकर’पर अजानके नामपर लोगोंको प्रताडित करना, इस प्रकारकी अनुमति कोई ‘धर्म’ नहीं दे सकता; क्योंकि धर्म तो मानवमात्रके कल्याणकी, सभीके हितकी बात सिखाता है तो ये सब क्या हो रहा है ? निश्चित ही यह ‘अधार्मिक’ शक्ति प्रदर्शन और प्रताडना है । ये मस्जिदमें या अपने घरपर नमाज नही पढ सकते क्या ? अवश्य पढ सकते हैं; किन्तु इन्हें अपनी शक्ति दिखानी है और हिन्दुओंको विवश होते देखना है । अब हिन्दुओंको सोचना है कि विवश ही रहना है या समर्थ बनना है ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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