लद्दाखपर ‘चीन’ने नियुक्त किया अत्याधुनिक और अत्यधिक हानिकारक ‘एमएलआरएस राकेट सिस्टम’
१२ मई, २०२१
‘चीन’ प्रदत्त ‘कोरोना’से संघर्ष कर रहे भारतके लिए चीनने सीमापर एक नवीन चुनौती खडी कर दी है । ‘चीन’की ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’की शिनजियांंग सैन्य कमानसे सम्बन्धित एक गुप्त इकाईने एक अत्याधुनिक ‘मल्टीपल लॉंच रॉकेट सिस्टम’को ‘ऊंचाईवाले पठार’में नियुक्त किया है, जो किसी भी क्षेत्रमें क्षणभरमें हानि पहुंचानेमें सक्षम है ।
इस ‘यूनिट’के बारेमें कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई थी, मात्र इसके कि यह एक ऊंंचाईवाले पठारपर स्थित है । ५२०० मीटरसे अधिक ऊंचाईवाला यह ‘पठार’ तिब्बतकी ओर संकेत करता है जो वास्तविक नियन्त्रण रेखाके समीप है और भारत तथा ‘चीन’को विभाजित करनेवाली वास्तविक सीमा है । यह वही क्षेत्र है, जहांपर गलवान घाटीमें भारतीय और ‘चीनी’ सैनिकोंके मध्य भीषण संघर्ष हुआ था ।
विशेषज्ञोंका कहना है कि भारतीय सेनाके पास भी ऐसी प्रणाली है, जो किसी भी आक्रमणका उत्तर देनेमें सक्षम है ।
इस कृत्यसे चीनका मन्तव्य स्पष्ट हो जाता है कि वह बिना दण्डित हुए मानेगा नहीं । भारतको शेष विश्वके साथ मिलकर, चीनको दण्डित करनेका समय आ चुका है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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