प्रार्थनाकी आडमें ५ वर्षसे चल रहा था ईसाई धर्मान्तरणका खेल, ‘पादरी’ अब्राहम समेत ५० अभिरक्षामें, निर्धनोंको बनाया लक्ष्य


१० अक्टूबर, २०२१
      उत्तर प्रदेशके मऊमें १० अक्टूबर २०२१, रविवारको अवैध धर्मान्तरणकी घटनामें ५० लोगोंको बन्दी बनाया गया । ईसाई ‘मिशनरी’पर प्रार्थनाकी आडमें लोगोंको बहला-फुसलाकर, उनका धर्म-परिवर्तन करनेके आरोप लगाए गए हैं ।
      ‘मीडिया’ विवरणके अनुसार, मऊके सहादतपुरा ‘मोहल्ले’में ‘रोडवेज’के पीछे, एक घरमें गत ५ वर्षोंसे प्रार्थना सभाके नामपर धर्मान्तरणका षड्यन्त्र रच रहे लोगोंका, आज हिन्दू जागरण मंचके पदाधिकारियोंने रहस्य उजागर कर दिया । घटनास्थलपर पहुंची ‘पुलिस’ने प्रार्थना सभामें सम्मिलित ‘पादरी’ अब्राहम सहित गृहस्वामी और लगभग ५० महिलाओं-पुरुषोंको अभिरक्षामें (हिरासतमें) ले लिया । सभीको कोतवाली परिसरमें लाकर पूछताछ की जा रही है ।
      हिन्दू जागरण मंचके जिला प्रभारी भानु प्रताप सिंह एवं अन्य पदाधिकारियोंका आरोप है कि यहां लोगोंके रोगोंका उपचार करनेके लिए न केवल प्रार्थना; अपितु धर्मान्तरणका षड्यन्त्र रचा जा रहा था । धीरे-धीरे यहां निकटके गांवों और ‘कस्बे’से लोग आने लगे थे । ये अधिक पढे-लिखे लोग नहीं थे, जिसक कारणसे ईसाई ‘मिशनरी’के झांसेमें आ गए । ईसाई धर्मसे जुडे लोग इन्हें आस्था एवं विश्वासके नामपर दिग्भ्रमित करते थे ।
     कभी ‘रोजगार’ एवं उपचार, तो कभी धनका लोभ देकर, यह ईसाई ‘मिशनरी’ निर्धन तथा अशिक्षित लोगोंपर धर्मान्तरणका दबाव डाल रहे हैं और उन्हें ईसाई बनाया जा रहा है । हिन्दुओंमें धर्माभिमान न होनेसे यह हो रहा है; अतः हिन्दुओंको धर्मशिक्षण देना कितना अनिवार्य है, यह सिद्ध होता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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