गिरिजाघरके नामपर छात्रावासमें बच्चियोंका यौन शोषण करने वाला पादरी बन्दी बनाया गया


सितम्बर ७, २०१८

कठुआ नगरके पारलीवण्ड क्षेत्रमें गिरिजाघरके नामपर बने अवैध छात्रावासमें नाबालिग बच्चियोंसे यौन शोषणका गम्भीर प्रकरण सामने आया है । शुक्रवार शाम पांच बजे प्रशासनिक और पुलिस दलने नए बस अड्डेके निकट एक भवनपर छापा मारा । लगभग दो घण्टे तक चले अभियान और बच्चोंसे पूछताछके पश्चात पादरी एन्थनीको बन्दी बनाया गया है । प्रशासनने बच्चोंके परिजनोंसे सम्पर्क साधना आरम्भ कर दिया है ।
कुछ कक्षोंमें चल रहे इस छात्रावासमें एक बडा कक्ष भी है, जिसे पादरी गिरिजाघर बता रहा है । इसमें प्रार्थना होती थी । अन्य ईसाई भी यहां आते थे । पादरी एन्थनी केरलका रहने वाला है । बताया जा रहा है कि उसकी पत्नी साथ रहती थी । यह छात्रावास गत चार वर्षोंसे चल रहा था । बच्चे पारलीवण्डके शासकीय विद्यालयमें पढते हैं और यहां छात्रावासमें रहते थे । उनका खाना, पीना, रहना सब निशुल्क था ।

छापेके पश्चात ७ से १६ वर्षकी आठ बच्चियों और १२ लडकोंको बाल आश्रम और नारी निकेतन स्थानान्तरित कर दिया गया है । बच्चोंने पादरीपर उनका यौन शोषण करनेके गम्भीर आरोप लगाए हैं ! ये सभी बच्चे निर्धन परिवारोंके हैं और पंजाब, हिमाचल और जम्मू कश्मीरके विभिन्न क्षेत्रोंसे कठुआके इस भवनमें रह रहे थे । जिला उपायुक्त रोहित खजूरियाने बताया मामला संज्ञानमें आनेके पश्चात जिला पुलिस प्रमुखसे बात कर अधिकारियोंके दलको जांचके लिए भेजा गया था ।


शाम पांच बजे जिला उपायुक्त रोहित खजूरियाके निर्देशपर सहायक आयुक्त राजस्वके नेतृत्वमें महिला थाना प्रभारी संजीवन ज्योति, बीडीओ सुनिंदर कौर, बीडीओ मुख्यालय श्रुति भारद्वाज, सहायक आयुक्त श्रम सोनम वर्मा और तहसीलदार कठुआ जय सिंहने पुलिस दलके साथ छापा मारा । भवनमें प्रवेश करनेके पश्चात महिला अधिकारियोंने बच्चोंको एक कक्षमें लेकर पूछताछ आरम्भ कर दी । दूसरी ओर सहायक आयुक्त राजस्व और तहसीलदारने भवनके सभी कक्षोंको खोजना आरम्भ किया । बच्चियोंसे महिला अधिकारियोंने लगभग आधे घण्टेतक बन्द कक्षमें पूछताछ की । बच्चियां इतनी भयभीत थीं कि उन्होंने महिला अधिकारियोंसे कहा कि हमें किसी भी स्थितिमें यहां से निकालो ।

एक महिला अधिकारीने बताया कि बच्चियोंने उनके साथ हुए दुष्कर्मको जिस प्रकार बताया है, उसे सुन कर उनकी आंखें भी भर आईं । अधिकारियोंको बताया गया कि पादरी उन्हें रातके समय अपने कक्षमें ले जाता और कुछ खानेको देता, जिसके पश्चात वे सचेत नहीं रहती थीं । पादरी इसका लाभ लेकर उनका शोषण करता था ! बच्चियोंने अधिकारियोंको बताया कि पादरी उनके गुप्तांगोंको भी स्पर्श करता था !

छापामारी करने वाले दलका नेतृत्व करने वाले एसीआर जितेन्द्र मिश्राने बताया कि भवन अवैध अनाथ आश्रममें चलाया जा रहा था । गत कुछ दिवसोंसे इसकी गतिविधियां सन्देहके घेरे में थीं । उन्होंने बताया कि प्रशासनको जब प्रकरण ज्ञात हुआ तो कार्यवाही की गई । यहां से एन्थनीको जांचके लिए बन्दी बनाया गया है । भवनमें कोई महिला संरक्षक नहीं मिली है । उन्होंने बताया कि बच्चे पंजाब, सांबा, बाडी ब्राह्मणा और जम्मूसे आकर यहां रह रहे थे । इन बच्चोंकी आयु सात से १६ वर्षके मध्य है और यहां से ८ लडकियों और १२ लडकोंको नारी निकेतन और बाल आश्रम स्थानान्तरित किया गया है । पादरीने पूछताछ में बताया कि ‘पेंटाकास्टल मिशन’के अन्तर्गत यह छात्रावास चलाया जा रहा था; लेकिन ‘पेंटाकास्टल मिशन’ने भी मना कर दिया कि उनकी कोई ईकाई कठुआमें है !

 

“यह एक प्रकरण उजागर हुआ है, और कितने ऐसे संगठन इन धर्मद्रोहियोंद्वारा चलाए जा रहे हैं ! अधर्मियोंको देशमें घुसाकर उनके तथाकथित धर्मका प्रसार करने देनेका यही दुष्परिणाम है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : अमर उजाला



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