मन्दिर सरकारीकरणके दुष्परिणाम, ‘सीआईसी’नेतिरुपति मन्दिरको १६वीं शताब्दीके शासककी ओर से दिए गए आभूषण कहां हैं


सितम्बर २, २०१८

‘केन्द्रीय सूचना आयुक्त’ने (सीआईसी) प्रश्न किया है कि विजयवाडाके १६वीं शताब्दीके शासक कृष्णदेव रायद्वारा तिरुपतिमें भगवान वेंकटेश्वरके मन्दिरको दानमें दिए गए आभूषण कहां हैं ? ‘सीआईसी’ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), संस्कृति मन्त्रालय, आन्ध्र प्रदेश शासन और ‘तिरुमला तिरुपति देवस्थानम’से (टीटीडी) यह प्रश्न किया है ।

सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलूने एक कडे आदेशमें प्रधानमन्त्री कार्यालयको यह भी सार्वजनिक करने को कहा कि केन्द्र शासनने तिरुमला मन्दिरोंको राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने तथा विश्व धरोहर संरचनाओं एवं आभूषणोंकी सुरक्षाके लिए अन्तरराष्ट्रीय नियमोंको लागू करनेके लिए किन बातोंपर विचार किया है ?

आयोग बीकेएसआर आयंगरकी याचिकापर सुनवाई कर रहा था, जिन्होंने प्रधानमन्त्री कार्यालयसे जानना चाहा था कि टीटीडी तिरुमला मन्दिरको ऐतिहासिक और राष्ट्रीय विरासतके स्मारक घोषित करनेके उनके आग्रहपर क्या पग उठाए गए हैं ?

यह प्रश्न विभिन्न विभागोंको भेजा गया; लेकिन आयंगरको कोई सन्तोषजनक उत्तर नहीं मिला, जिसके पश्चात उन्होंने प्रकरणको सार्वजनिक किए जानेके आग्रहके साथ आयोगका द्वार खटखटाया था ।

 

“यह मन्दिर सरकारीकरणका दुष्परिणाम है । देशको खानेके बाद मिलये खाली समयमें इन अधर्मियोंकी दृष्टि अब मन्दिरके कोषकी ओर है” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जी न्यूज



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