पूर्व उपराष्ट्रपतिके उच्चस्थ पदपर रह चुके अंसारीका निकृष्टतम वक्तव्य, बालाकोट वायु आक्रमणपर प्रश्न करना जनताका अधिकार !!


अप्रैल २४, २०१९


देशके पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारीने कहा है कि बालाकोट एयरस्ट्राइकपर प्रश्न करना नागरिकोंका अधिकार है । उनके अनुसार लोग यह पूछ सकते हैं कि अन्ततः क्यों बालाकोटपर एयरस्ट्राइक किए गए और इससे देशको क्या मिला ? शासनको इन प्रश्नोंका उत्तर देना चाहिए ! उन्होंने ये बातें एक दूरदर्शन वाहिनीसे (चैनलसे) वार्तामें कहीं ।

साक्षात्कार लेते हुए करण थापरने हामिद अंसारीसे प्रश्न किया कि क्या भारतके लोगोंको यह अधिकार है कि वो सेना और शासनसे इस बारेमें प्रश्न कर सकें ? इसपर हामिद अंसारीने कहा, ”निस्सन्देह यह प्रत्येक नागरिकका अधिकार है कि वो ऐसी चीजोंके बारेमें जाने, जो विदेश नीति और सुरक्षासे जुडी हो ।”

अंसारीने आगे कहा, ”आप किसी भी साक्ष्यको छिपा नहीं सकते हैं । उनसे पाकिस्तानके एफ-१६ विमानपर भी प्रतिक्रिया मांगी गई, जिसको लेकर पाकिस्तान दावा कर रहा है कि भारतने उनके एफ-१६ विमानको कोई हानि नहीं पहुंचाई है । इसपर पूर्व उपराष्ट्रपतिने कहा, ”यदि मैं ये कहता हूं कि मैंने शेरको मारा है तो मुझे शेर दिखाना होगा !”

पूर्व उपराष्ट्रपतिसे प्रधानमन्त्री मोदीके कार्यकालपर भी प्रश्न किए गए । इसपर उनका कहना था कि उन्होंने आरम्भ अच्छा किया; परन्तु वचनोंको पूर्ण करनेमें वो पीछे रहे हैं ।

 

“विचित्र है कि नागरिकोंका क्या कर्त्तव्य है, वह पूर्व उपराष्ट्रपतिको ज्ञात है; परन्तु एक पूर्व उपराष्ट्रपति जैसे उच्च पदकी गरिमा और मान क्या होता है और उसके क्या कर्त्तव्य होते हैं, यह उन्हें ज्ञात नहीं है ! और सबसे विचित्र बात यह है कि सेनाके इस शौर्यपर कोई साधारणजन प्रश्न नहीं उठा रहा है; परन्तु हां, जनताका नाम लेकर वामपन्थी और वे लोग, जो किसी बाहरी शक्तिद्वारा नियन्त्रित हैं, वे इसपर अवश्य प्रश्न कर रहे हैं !! हामिद अंसारीजी इतने वर्षोंतक उपराष्ट्रपति पदपर आसीन रहे, तो उन्हें क्या यह नहीं ज्ञात कि सेना कैसे कार्य करती है ? क्या एक-एक आतंकीका चित्र खींचकर रखा जाता है ? वे कुछ और नहीं केवल यहीं दिखा रहे हैं कि कुछ विशिष्ट वर्गोंकी सत्यनिष्ठा राष्ट्रके लिए नहीं वरन केवल उनके पन्थोंके लिए ही रहती है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : न्यूज १८



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