कर्नाटक ‘यूथ’ कांग्रेस प्रवक्ता सुरैया अंजुमने ‘हिजाब’ पहननेपर अपने ही दलकी मांगको अयोग्य बताया !


११ फरवरी, २०२२
       “भारतने सभीको धर्मका पालन करनेका अवसर दिया है; किन्तु धर्माचरण घरमें ही करना चाहिए । घरसे बाहर निकलनेपर हम केवल एक भारतीय ही हैं, यह हमें पता होना चाहिए ।” ऐसा कर्नाटक ‘यूथ’ कांग्रेस प्रवक्ता सुरैया अंजुमने कहा, जिसका ‘वीडियो’ सामाजिक माध्यमपर फैल गया है । कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्राने मुसलमान छात्राओंको महाविद्यालयोंमें ‘हिजाब’ पहननेकी अनुमति देनेकी मांगका समर्थन किया है । इस पृष्ठभूमिमें अंजुमका वक्तव्य महत्त्वपूर्ण हो जाता है ।
सुरैया अंजुमद्वारा प्रस्तुत सूत्र :
१. संविधानद्वारा दी गई स्वतन्त्रताका दुरुपयोग हो रहा है !
       ‘हिजाब’ मेरा अधिकार है । ‘हिजाब’ मेरे धर्मका प्रतीक है । देशने मुझे अपने अधिकारका प्रयोग करनेकी स्वतन्त्रता दी है; किन्तु हम अपने संविधानद्वारा दी गई स्वतन्त्रताका दुरुपयोग कर रहे हैं ।
२.  देश धर्मसे बडा है !
       शिक्षण संस्थानोंमें धर्मकी अवधारणाके विरोधमें छात्रोंमें देशके प्रति गौरवकी ‘कमी’ मुख्य कारण है । शिक्षासे बडा कोई धर्म नहीं है । मेरा देश धर्मसे बडा है ।
३. छात्रोंको विद्यालयका परिधान ही धारण करना चाहिए !
      छात्राएं इस समय ‘हिजाब’ पहननेका हठ कर रही हैं । विद्यालयके कार्यकारी मण्डलने कभी नहीं कहा, “बुर्का या हिजाब मत पहनो ।” किन्तु, ‘कक्षामें हिजाब मत पहनो’ ऐसा कहा जाता है । ऐसा इसलिए है; क्योंकि कई वर्षों पूर्वसे भारतीय शिक्षण संस्थानोंमें गणवेशका प्रारम्भ किया गया है । गणवेश शब्दका भावार्थ है ‘हम सब समान हैं’; इसलिए छात्रोंको गणवेश ही पहनना चाहिए ।
४.  शिक्षण संस्थानोंमें धर्म लाना बडी चूक !
      हम पढने आए हैं; किन्तु राजनीतिसे प्रेरित हैं और धर्मके रक्षाकी बात कर रहे हैं । यह आगामी १० वर्षोंमें देशके लिए घातक सिद्ध होनेवाला है । आजके छात्र देशका भविष्य हैं । हम धर्मके नामपर देशका भविष्य बिगाड रहे हैं । ‘हिजाब’ पहने और धर्मका अभ्यास करें; किन्तु धर्मको शिक्षामें लाना बहुत बडी चूक है ।
५. यदि ‘हिजाब’ ही पहनना है, तो इस्लामिक ‘मदरसे’में जाइए ! वर्तमानमें, शिक्षा प्राप्त करना अनिवार्य है । यदि यहां अनुमति नहीं है तो ‘हिजाब’ उतार दें ! यदि आपको लगता है, कि धर्म महत्त्वपूर्ण है, तो आपके पास इस्लामिक शिक्षा लेनेका पर्याय उपलब्ध है । अनेक इस्लामिक संस्थाएं है, जहां ‘हिजाब’की अनुमति है । आपको वहां जाना चाहिए ।
६. चूडियां और कुमकुम आभूषण हैं और इनका धर्मसे कोई लेना-देना नहीं है !
      यह आरोप लगाते हुए, कि ‘हिन्दू छात्राएं चूडियां और कुमकुम पहनती हैं; किन्तु उनका धर्मसे कोई सम्बन्ध नहीं है । वे अलङ्कार हैं ।
७. कल ५ बार ‘नमाज’ पढनेकी मांग होगी !
       ‘हिजाब’ और भगवा हटानेके लिए आज प्रदर्शन हो रहे हैं । कल ५ बार ‘नमाज’ पढनेकी अनुमतिकी मांगमें विरोध प्रदर्शन होंगे । इस प्रकार मांग बढती रहेगी, घटेगी नहीं । कृपया शिक्षामें समानताका सम्मान करें !
       देश व धर्मकी परिपूर्ण समझ प्रत्येकको रखनी चाहिए; तभी विश्व बन्धुत्व व दिव्य सामंजस्य प्रत्येक जीवमें प्रत्येक जीवसे प्रत्येक स्थितिमें होगा । भारतवर्षमें हिन्दू राष्ट्र स्थापनासे ही यह सम्भव होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 


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