४ दिसंबर, २०२०
कर्नाटककी राजधानी बेंगलुरूमें हुए उपद्रवोंमें रत कांग्रेसी नेता रकीब जाकिरको पुलिसने बन्दी बना लिया है । उपद्रवके पश्चात वह लम्बे समयसे भागकर छुपा हुआ था । इससे पूर्व ‘सीसीबी’ने कांग्रेस नेता सम्पत राजको भी बन्दी बनाया था । वह भी डेढ माहसे भाग-भागकर छुप रहा था । अपने ऊपर आई हुई ‘एफआरआई’को निरस्त करानेके प्रयासोंमें वह विफल रहा था । अन्तमें उसने आत्मसमर्पण करनेका निर्णय लिया था ।
सम्पत और जाकिर, दोनों एक ही ‘फॉर्म हाउस’में बहुत समयतक छुपे रहे । ‘रियाजुद्दीन’ने उन्हें छुपानेके लिए अपने ‘फॉर्म हाउस’में शरण दी थी, जबकि वह स्वयं भी भागा हुआ अपराधी था । इसीकारण उसे भी पुलिसद्वारा पकड लिया गया था; क्योंकि उसने उन दोनों अपराधियोंको छुपानेका अपराध किया था । ‘सेंट्रल क्राईम ब्रांच’ने अपने विवरण-पत्रमें लिखा है कि सम्पत राजने अपने दलके ही एक विधायक अखण्ड श्रीनिवास मूर्तिको लक्ष्य बनाया था । सम्पतने जाकिर तथा अन्य कट्टरपन्थी इस्लामिक सङ्गठनोंसे, जैसे ‘एसडीपीआई’से हाथ मिलाया था । इस आलेख-पत्रमें बावन अपराधियोंमेंसे ५१वां स्थान सम्पत और ५२वां स्थान ‘जाकिर’का है । श्रीनिवासके घरके बाहर एक सहस्र कट्टरपन्थी एकत्रित हो गए थे; जिन्होंने पैगम्बरके विरुद्ध आपत्तिजनक व्यक्तव्य करनेको कारण बताकर आक्रमण किया था । इस उपद्रवमें तीन लोग मारे गए थे और ६० पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे तथा साथ ही तीन सौ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे ।
देशविरोधी उपद्रवोंमें कांग्रेस आदि देशद्रोही दल सदा भागीदार रहे हैं । कांग्रेसके देशद्रोही नेताओंने आतङ्कवादी सङ्गठनोंसे गठबन्धनकर देशको सदा हानि पहुंचाई है । ऐसे राष्ट्रद्रोही नेताओंको फांसी ही दी जानी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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