हिन्दुओंको धमकी देने वालेके ‘अब्बा’, मोदीको ४२० कहनेवाले मौलाना और कांग्रेस नेता 


२७ जनवरी, २०२१
     गणतन्त्र दिवसकी पूर्व सन्ध्यापर केन्द्रके नरेन्द्र मोदी शासनने इस वर्षके पद्म पुरस्कारोंकी घोषणा की । कुल ११९ लोगोंको इन पुरस्कारोंसे सम्मानित किया गया, जिनमें से ७ को देशका दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण मिला । पद्म पुरस्कारोंमें ३ नाम ऐसे भी हैं, जो सबका ध्यान आकर्षित कर रहे हैं । वो तीन नाम हैं – मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।
     खान और सादिकको ये सम्मान अध्यात्मके क्षेत्रमें किए गए उनके कार्योंके लिए मिला है, वहीं १५ वर्षोंतक असमके मुख्यमन्त्री रहे गोगोईको समाज सेवाके लिए किए गए उनके कार्योंके लिए ये सम्मान मरणोपरान्त मिला । वो सबसे अधिक लम्बे समयतक असमके मुख्यमन्त्रीका कार्यभार सम्भालनेवाले नेता थे और राज्यमें हिंसक समूहोंको नियन्त्रित करनेमें उनकी भूमिका थी । वो केन्द्रमें मन्त्री भी रहे थे । वहीं ९६ वर्षीय मौलाना वहीदुद्दीन खान ‘इस्लामी स्कॉलर’ हैं जो शान्तिके लिए कार्य करनेका ‘दावा’ करते हैं । उन्होंने कुरानकी व्याख्या भी लिखी है और उसे अंग्रेजीमें भी अनुवादित किया है । ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ और ‘द मुस्लिम’ने सम्पूर्ण विश्वके प्रभावशाली मुस्लिमोंकी सूचीमें उन्हें रखा है । उनका जन्म उत्तर प्रदेशके आजमगढ स्थित बडहरिया गांवमें हुआ था । वो इस्लामसे जुडी उर्दू और अंग्रेजी पत्रिकाभी चलाते हैं ।
     मौलाना कल्बे सादिक प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीके आलोचकथे और उन्होंने मई २०१५ में मोदी शासनके १ वर्ष पूर्ण होनेपर कहा था, “एक वर्षके लिए मैं केन्द्रकी मोदी शासनको ४२० नम्बर देता हूं । यह शासन ४२० से भरा हुआ है ।”
           सम्भवतः माननीय प्रधानमन्त्रीजी को ‘उदार वैश्विक नेता’ बननेकी यशेषणा जागी है; यदि ऐसा है तो इससे भारतके हित प्रभावित नहीं होने चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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