जनवरी १९, २०१९
विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईकपर केन्द्रीय विभागका डंडा चला है । प्रवर्तन निदेशालयने (ED) ‘धन शोधन निरोधक अधिनियम’के अन्तर्गत जाकिर नाईककी १६ कोटि ४० लाखकी सम्पत्ति अधिकृत कर ली है । जाकिर नाईककी ये सम्पत्ति मुम्बई और पुणेमें स्थित है ।
निदेशालयकी जांचके अनुसार यह ज्ञात हुआ है कि जाकिर नाईकके दुबईके खातोंमें ४९ कोटि २० लाख रुपये पाए गए थे ! ये पैसे कहांसे आए ?, इस बातकी कोई जानकारी नहीं है ! निदेशालयने कहा कि उसने धन शोधन निरोधक अधिनियमके (PMLA) अन्तर्गत नाईककी मुम्बई और पुणे स्थित सम्पत्तियोंको अधिकृतके लिए अस्थायी आदेश दिया था ।
उल्लेखनीय है कि निदेशालयने यह तीसरा सम्पत्ति अधिग्रहण किया है । जांच विभाग निदेशालय नाईकके विरुध्द राष्ट्रीय जांच विभागकी प्राथमिकीका संज्ञान लेनेके पश्चात इस प्रकरणकी जांच कर रहा है । जाकिर नाईक अभी मलेशियामें है ।उल्लेखनीय है कि निदेशालयने इस प्रकरणमें अबतक कुल ५०.४९ कोटि रुपयोंकी सम्पत्ति अधिकृत की है ।
जांच विभागने आरोप लगाया है कि जाकिर नाईकने १७.६५ कोटि रुपयेसे कई भवन निर्माताओंसे सम्पत्ति क्रय की । एक अधिकारीने कहा, “धनके स्रोतको और सम्पत्तिके वास्तविक स्वामीको छिपानेके लिए आरम्भमें जाकिर नाईकके खातेसे जो लेन-देन किए गए थे, उसे जाकिर नाईककी पत्नी, पुत्र और भतीजीके खातेमें भेज दिया गया । इसके पश्चात डॉक्टर जाकिर नाईकके स्थानपर उसके परिवारवालोंके नामपर सम्पत्ति निर्धारित की गई ।”
“जाकिर नाइक, जो समूचे विश्वमें अपनी निराधार इस्लामिक बातोंसे लोगोंंका धर्म परिवर्तन करवाता है, उसके पास इतनी सम्पत्ति कहांसे आई ?, शासन यह ज्ञात करें । पूर्वमें भी विदेशोंसे धन लेकर धर्म परिवर्तन कराने व इस्लामके प्रचारके लिए धन आनेके समाचार आए हैंं तो शासन इसपर कठोरसे कठोर कार्यवाही करें और जाकिर नाईकको दण्ड प्रदान करें, यह सभी राष्ट्रवादियोंकी मांग है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
Leave a Reply