‘हरिजन उपनाम’वाले धर्मान्तरित ईसाइयोंने दुर्गा पूजामें किया उपद्रव, छह लोग हुए चोटिल
२९ सितम्बर, २०२१
असम राज्यके तेजपुरमें ईसाई समुदायके लोगोंने दुर्गा पूजाको भंग करने तथा रोकनेका प्रयास किया । दोनों समुदायोंके मध्य हुए विवादमें छह निवासी चोटिल हो गए ।
तेजपुरकी ‘हरिजन कॉलोनी’में ‘ईसाई मिशनरियों’का दबाव बढ जानेसे वहांके ७०% हिन्दुओंका धर्म परिवर्तन करा दिया गया है । उस क्षेत्रके शेष हिन्दू प्रति वर्षकी भांति, इस वर्ष भी दुर्गा पूजाका आयोजन कर रहे थे । वे ३०% हिन्दू लोग बचे हैं । अब ईसाइयोंद्वारा उनपर अत्याचार किए जा रहे हैं । उन्हें पूजा नहीं करने दी जाती । यदि वे अपने क्षेत्रमें भजन कीर्तन करें, तो उनपर पत्थर बरसाए जाते हैं और अपशब्द बोले जाते हैं । लोग यदि हनुमानका पताका निकालें, तो उसे फाड दिया जाता है । हिन्दुओंद्वारा इसका विरोध करनेपर, ईसाइयोंद्वारा उन हिन्दुओंपर आक्रमण किया जाता है । अल्पसंख्यक हिन्दू वहां बहुत भयभीत होकर रह रहे हैं । जो ७०% लोग ईसाई बने हैं, वे भी हिन्दू धर्मके ही हैं और हरिजन समाजसे आते हैं । धन देकर, इन लोगोंका धर्मान्तरण कराया गया है । इससे पूर्व ये लोग अपने नामके साथ उपनाम लगाया करते थे । स्थानीय लोगोंने यह भी कहा है कि जो ३०% लोग अभी हिन्दूधर्मकी रक्षा कर रहे हैं और जीवित हैं और उनका जीवन बहुत सङ्कटमय हो गया है । भीषण विवाद होनेपर ‘पुलिस’को सूचित किया गया, तो ‘पुलिस’बलने आकर स्थितिको नियन्त्रित किया । दुर्गा पूजामें बाधा डालनेके आरोपमें हिन्दुओंकी ओरसे ईसाइयोंके विरुद्ध तेजपुर सदर ‘थाने’में परिवाद प्रविष्ट करवाया गया ।
देशमें जहां-तहां अहिन्दुओंकी जनसङ्ख्यामें वृद्धि होती जा रही है और वे हिन्दुओंको कष्ट दे रहे हैं । म्लेच्छ मतोंके लोभी नेता अपने स्वार्थ हेतु उनकी सङ्ख्या बढने दे रहे हैं और उन्हें उपद्रव करने देते हैं । ऐसे भ्रष्ट राजनेताओंके, राजनीतिक विनाश हेतु हिन्दू समाजका सज्ज होना आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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