तेज प्रताप यादवने लालू प्रसाद यादवको, कांग्रेसने कमलनाथको भगवान कृष्णके रूपमें फलकके माध्यमसे किया उपहास


१ सिंतबर, २०२१
      मध्‍य प्रदेशकी राजनीतिमें एक बार पुनः कांग्रेसके फलकद्वारा (पोस्टर) हिन्दू धर्मके अपमानका नूतन विवाद छिड गया है । राजधानी भोपाल स्थित कांग्रेस कार्यालयके बाहर लगे फलकमें पूर्व मुख्यमन्त्री कमलनाथको कृष्ण तो वहीं, मुख्यमन्त्री शिवराज सिंह चौहानको कंस मामाके रूपमें दिखाया गया है । जहां भाजपाके मन्त्रियोंने इसे हिन्दू धर्मका अपमान बताया है । वहीं, पोस्टर लगानेवाले कांग्रेस नेताने कहा है कि प्रदेशकी स्थिति अभी ऐसी ही है । वहीं एक अन्य प्रकरणमें दण्ड भोग रहे (सजायाफ्ता) लालू यादवको भी चक्रधारी कृष्णके रूपमें दिखाया गया है । लालू प्रसाद यादवकी मूर्ति जैसा चित्र उन्हींके पुत्र तेज प्रताप यादवने अपने ‘फेसबुक पेज’पर साझा किया है । इसमें लालू प्रसाद हाथमें चक्र लिए हुए हैं और उनके दूसरे हाथमें बांसुरी है ।
      इसपर प्रदेशके गृह मन्त्री नरोत्तम मिश्रने कांग्रेसको आडे हाथों लेते हुए कहा, “कांग्रेस सदैवसे हिन्दू धर्मका उपहास करती आई है । कभी सोनिया गांधीको दुर्गा बताते हैं तो कभी कमलनाथको कृष्ण । कांग्रेसने सदैवसे ही धर्मका उपहास किया है । कांग्रेस प्रत्येक दिवस ऐसा कार्य करती है जिससे मूल राष्ट्रवाद और हिन्दू  भक्तोंकी धार्मिक भावना आहत हो । यह महान भारतको ‘बदनाम भारत’ कहते हैं, यह कांग्रेसकी मानसिकता प्रकट करती है ।”
       निधर्मी धर्मनिरपेक्ष व्यवस्थामें राजनीतिका स्तर रसातलमें चला गया है । धर्मविहीन राजनेता व उनके निधर्मी प्रशंसक अपने-अपने नेताओंको अवतार बतानेके प्रयासमें लगे रहते हैं । अपनी ओछी राजनीतिमें हिन्दुओंके भगवानको दर्शानेका दुःसाहस इसलिए हो रहा है; क्योंकि कोई तीव्र व समतुल्य प्रतिकार हिन्दुओंद्वारा नहीं होता है । हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनासे ही ऐसी राजनीतिका अस्तित्व स्वतः ही शून्य होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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