मुंबईमें गोमांससे लदे ‘ट्रक’को पकडने गए दो गोरक्षकों तथा ‘पुलिस’पर ‘कसाइयों’द्वारा आक्रमण
१६ जनवरी, २०२२
चूनाभट्टीके कसाईवाडीमें ‘मस्जिद’के निकट ४० से अधिक धर्मान्धोंके जनसमूहने लाठियों और डण्डोंसे दो गोरक्षकों और ‘पुलिस’कर्मियोंपर आक्रमण किया, जब वे अवैध गोमांस ले जा रहे एक ‘ट्रक’पर छापा मारने गए थे । पशु कल्याण अधिकारी आशीष कमलाकर बारीकको इस क्रममें गम्भीर चोटें आईं । साथमें आए दो ‘पुलिस’कर्मियोंके साथ ‘धक्का-मुक्की’ भी की गई ।
करुणा परिवार न्यास अलाभकारी संस्थाके (एनजीओके) वरिष्ठ पशु कार्यकर्ता भाविन गथानीने कहा, “यह एक बहुत ही गम्भीर विषय है; क्योंकि ध्यान ‘फाउंडेशन’के दो कार्यकर्ताओंपर ‘पुलिस’के समक्ष आक्रमण किया गया था, जो वाहनमें थे । मुंबई ‘पुलिस’को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जहां जनसमूहद्वारा हिंसा हो सकती है, ऐसे संवेदनशील क्षेत्रोंमें छापेमारी करते हुए वे एक बडी सेना भेजें । मैंने स्वयं गोमांस विक्रेताओंके विरुद्ध ७०० से अधिक छापे मारे हैं; इसलिए मुझे पता है कि ऐसे समयमें व्यक्तिगत सुरक्षा कितनी महत्त्वपूर्ण है ।”
स्थानीय कार्यकर्ताओंने इस आक्रमणपर विचार रखे कि गोहत्या प्रतिबन्ध कानून कठोरतासे लागू करने तथा दोषियोंके विरुद्ध तीव्रतासे कार्रवाई करनेका आग्रह किया है । कथित रूपसे इस प्रकरणमें पांच लोगोंको पूर्वमें ही बन्दी बनाया जा चुका है ।
गोहत्या, देशमें एक गम्भीर समस्या है । गोहत्या केवल मांसके लिए ही नहीं की जाती है; अपितु हिन्दुओंकी भावनाओंको चोट पहुंचाना भी इसका उद्देश्य होता है । देशमें गोहत्यापर पूर्ण प्रतिबन्ध होना चाहिए तथा गोहत्यारोंको मृत्युदण्ड दिया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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