‘कोरोना’के ‘बहाने’ राम मन्दिरकी निन्दा, ‘आप’की ‘आईटी’ विभाग वालीने करवाया अपने ही नेता केजरीवालका अपमान
१७ अप्रैल, २०२१
‘आप’की राष्ट्रीय सामाजिक जालस्थलकी सदस्या अङ्किता शाहने ‘ट्विटर’पर लिखा, “कहां है वो मूर्ख, जो राम मन्दिरका दान एकत्रित कर रहे थे ? यदि शासनसे मन्दिरके स्थानपर चिकित्सालय मांगे होते तो आज ये स्थिति नहीं होती ! ‘खूनी धार्मिक मूर्ख लोग’ ।” उन्होंने राम मन्दिरके लिए दान एकत्रित करने वालोंको अपशब्द कहे; किन्तु लोगोंने उनके ही नेताकी वास्तविकता उनके समक्ष रख दी ।
लोगोंने पूछा कि यदि मुसलमानोंके लिए शासन कुछ करे तो उचित और हिन्दू स्वयं धन एकत्रित करके धर्मके लिए कुछ करें तो वो अनुचित कैसे ? ‘अद्वितीय’ नामक ‘हैण्डल’ने लिखा, “कहां है ये मूर्ख, जो करदाताके पारिश्रमिकसे मस्जिदोंके मौलानाओंको मासिक वेतन वितरण कर रहा था । यदि ये धन ‘वोट बैंक’ राजनीतिपर लुटानेके स्थानपर चिकित्सालयमें व्यय किया गया होता तो आज देहलीकी यह स्थिति नहीं होती ।”
लोगोंने एक ‘आरटीआई’से हुए निष्कर्षको लेकर आए । ज्ञातव्य है कि २०१५-१९ में देहली शासनने एक भी नूतन चिकित्सालय व ‘फ्लाइओवर’ नहीं बनवाया था ।
मतके लिए अपने ही धर्मपर कटाक्ष करनेवाले नेताओंने भारतको भीतरसे शक्तिहीन कर दिया है; किन्तु सचेत नागरिकोंके चलते समय समयपर उनको दर्पण दिखाया जाता रहा है । इनका पूर्ण रूपसे अन्त हिन्दू राष्ट्र आनेपर ही सम्भव हो पाएगा; अतः हिन्दू राष्ट्र हेतु अपनी क्षात्र वृत्तिको समय रहते जाग्रत करें । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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