दैनिक भास्करने अफगानिस्तान छोडनेवाले हिन्दुओं-सिखोंके व्यापार, सम्पत्तिपर अतिक्रमण करनेवाले मुसलमानोंको बताया ‘मसीहा’
२९ अगस्त, २०२१
भारतमें ‘मेनस्ट्रीम मीडिया’ सदा इस्लामी कट्टरपन्थियोंके प्रति सहृदय रही है । दैनिक भास्कर भी उन्हीमेंसे एक है । रविवार, २९ अगस्तको समाचारपत्रने एक विवरण प्रकाशित किया है । विवरणमें कहा गया है कि अफगानिस्तानके जलालाबादमें अब कोई हिन्दू-सिख नहीं है । वे अपना घर, व्यापार छोडकर वहांसे चले गए हैं; परन्तु उनके और मुसलमान समुदायके मध्य सम्बन्ध इतने सशक्त हैं कि उनके आनेतक वे उनका व्यापार सम्भाल रहे हैं ।
हम यहां अफगानिस्तान और ‘तालिबान’के प्रकरणपर गम्भीर हैं । वहीं, भास्कर चाहता है कि हम उसके इस विवरणपर विश्वास करें । उन्होंने एक मुसलमान व्यक्तिको यह कहते हुए भी ‘कोट’ किया है, “मैं ‘क्लीनिक’के स्वामीको प्रतिदिन यहांकी स्थितिकी ‘अपडेट’ देता हूं । हमें विश्वास है कि परिस्थितियां सुधरेंगी तो वे आ आएंगें, तब तक हम उनका व्यापार बन्द नहीं होने देंगे ।”
यह सभी जानते हैं कि अफगानिस्तानमें अफगान हिन्दुओं और सिखोंकी सम्पत्तिके साथ क्या हो रहा है ? स्थानीय निवासियोंद्वारा उनकी ‘देखभाल’के नामपर उनपर अतिक्रमण कर लिया जा रहा है । जो हमें दिखाया जा रहा है, वह वास्तविकताके विपरित है । ‘मीडिया’ अफगान हिन्दुओं-सिखोंपर किए गए अत्याचारोंपर औषधि लगानेके स्थानपर उसपर ‘नमक’ छिडकनेका कार्य कर रहा है, जो कि लज्जाजनक है । ऐसी सभी मीडिया संस्थानोंका बहिष्कार आवश्यक हो गया है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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