देहलीमें ११ और १३ वर्षीय दो बहनोंको बहलाकर ले भागे नदीम और सोनू खान, ‘तकिया’ बेचनेके ‘बहाने’ लिया था दूरभाष क्रमांक


१३ नवम्बर, २०२१
         पूर्वी देहलीके छतरपुर क्षेत्रमें लव जिहादियोंने दो अल्पवयस्क बच्चियोंका अपहरण कर लिया है । पडोसमें रहनेवाले दो मुसलमान युवकोंने सर्वप्रथम उन्हें छद्म प्रेमजालमें फंसाया और उसके पश्चात वे उन्हें भगा ले गए । दोनों आरोपी उत्तर प्रदेशके मेरठ जनपदके रहनेवाले हैं । पिताके परिवादपर ‘पुलिस’ने आरोपियोंके विरुद्ध विभिन्न धाराओंके अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया है । बिहारका उक्त हिन्दू परिवार देहलीके छतरपुर क्षेत्रके राजपुर गांवमें रहता है । वहीं समीप ही एक भूखण्डपर ‘गद्दा’ और ओढनी (रजाई) बनानेका कार्य होता है, जहां लगभग २० मुसलमान युवक कार्य करते हैं । इन्हींमेंसे नदीम और सोनू खानने दोनों अल्पवयस्क बच्चियोंसे मित्रता बडाई और क्रमाङ्कोंका आदान-प्रदान हुआ ।  वे दूरभाषपर वार्तालाप करने लगे । इसके पश्चात, एक दिवस दोनों आरोपी लडकियोंको लेकर भाग गए । पीडिताके पिताका यह भी आरोप है कि एक आरोपीका बहनोई भी इस षड्यन्त्रमें सम्मिलित है । वहीं, एक आरोपी नदीमका कहना है कि एक दिवस तकिया विक्रय करनेके लिए पीडित परिवारके घरकी ओर गया था, वहीं लडकियोंसे क्रमाङ्क उसने लिया था; किन्तु उनके अनुपस्थित होनेमें उसका हाथ नहीं है ।  उनकी दोनों बेटियां छतरपुरके ही राजकीय कन्या विद्यालयमें कक्षा सातवींकी छात्रा हैं । उन्होंने बताया कि ‘कोरोना’के कारण ‘ऑनलाइन क्लास’ चल रही थी, तो एक ‘स्मार्टफोन’ उनकी बेटियोंको दे दिया था । जिस दिन लडकियां अनुपस्थित हुई थीं, उस दिन उस चलभाषपर कई अज्ञात क्रमाङ्कोंसे दूरभाष आए थे; किन्तु उनपर वार्तालाप किया तो उन लोगोंने लडकियोंके विषयमें जाननेसे मना कर दिया । परिवादके पश्चात ‘कॉल डिटेल्स’के आधारपर ‘पुलिस’ने चार लोगोंको अभिरक्षामें लिया है; किन्तु वास्तविक आरोपियोंका अभिज्ञान अभीतक नहीं हो सका ।
         धर्म शिक्षणके अभावमें हिन्दू परिजन अपने बच्चोंपर अङ्कुश भी नहीं लगा पाते और जिहादी, हिन्दुओंकी बच्चियोंको भगाकर अदृश्य हो जाते हैं और उनके साथी उन्हें ‘पहचानने’से भी मना कर देते हैं । वास्तविक जिहादीको पकडनेके लिए, ऐसे जिहादियोंके साथियोंको भी बन्दी बनाया जाना अति आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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