पुलिस, न्यायाधीशों और उनके परिजनके लिए उपयोगमें लाए जाएंगे अधिग्रहित ‘ऑक्सीजन कंसंट्रेटर’: देहली न्यायालयका आदेश
०७ मई, २०२१
देहलीके एक न्यायालयने कोरोना महामारीके मध्य पुलिसद्वारा अधिग्रहित किए गए १२ ‘ऑक्सीजन कंसंट्रेटर’को मुक्तकर उनका उपयोग पुलिस, न्यायिक अधिकारियों तथा उनके परिजन हेतु करनेका आदेश दिया है । इन्हें ४ मई २०२१को विनय अग्रवाल तथा आकाश वसिष्ठके पाससे अधिग्रहितकर द्वारका पुलिस थानेमें जमा करवाया गया था । दोनों आरोपियोंको बन्दी बनाया गया था ।
जांच अधिकारीने न्यायालयको सूचित किया था कि अनेक पुलिस अधिकारी कोरोनासे पीडित हैं और इन ‘ऑक्सीजन कंसंट्रेटर’का उनके प्राणरक्षा हेतु उपयोग किया जा सकता है ।
आदेश अनुसार २ ‘ऑक्सीजन कंसंट्रेटर’ ‘डीसीपी’ द्वारकाको, ३ ‘प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट’ और ‘सेशन’ न्यायालय, २ ‘डिस्ट्रिक्ट’ और ‘सेशन’ न्यायाधीश द्वारकाको, ३ ‘सेशन’ न्यायाधीश साकेतको और २ कोविड स्वास्थ्य सुरक्षा केन्द्र देहली ‘जुडिशियल एकेडमी’को देनेका आदेश दिया गया है ।
इस महामारीके मध्य अग्निशमन उपकरणको ‘ऑक्सीजन सिलेंडर’ बताकर विक्रय करनेके आरोपमें अलीपुर निवासी रवि शर्मा, मोहम्मद अब्दुल तथा शम्भू शाहको बन्दी बनाया गया है । पुलिसने इनसे ५३० अग्निशमनके ‘सिलेंडर’ तथा २५ ‘ऑक्सीजन सिलेंडर नोजल’ तथा ४९५०० ₹ अधिग्रहित किए हैं ।
सामान्यतः पुलिसद्वारा अधिग्रहित सामग्रीको मुक्त करानेमें इतना समय लगता है कि वह सामग्री लगभग नष्ट ही हो जाती है; परन्तु उपर्युक्त प्रकरणमें त्वरित निर्णय देना प्रशंसनीय तो है; किन्तु पक्षपातपूर्ण भी है । अधिग्रहित ‘ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटरस’का उपयोग सामान्य व्यक्तिके लिए भी होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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