सेनाकी गुप्तचरी (जासूसी) करनेवाले ‘आईएसआई’के गुप्तचर मोहसीनको देहली ‘क्राइम ब्रांच’ने ‘तुर्कमान गेट’से बनाया बन्दी
२७ जुलाई, २०२१
देहली पुलिसकी ‘क्राइम ब्रांच’ने ‘तुर्कमान गेट’ क्षेत्रसे मोहसीन नामके एक व्यक्तिको गुप्तचरीके आरोपमें बन्दी बनाया है । ‘क्राइम ब्रांच’को ‘पूछताछ’में अनेक महत्त्वपूर्ण साक्ष्य (सुराग) मिले हैं । पुलिसने बताया कि मोहसीन पाकिस्तानकी गुप्त (खुफिया) अभिकरण (एजेंसी) ‘आईएसआई’के लिए भारतीय सेनाकी गुप्तचरी करता था । वह पाकिस्तानी दूतावासके (एम्बेंसी) प्राय: सम्पर्कमें था और तीन बार पाकिस्तान भी जा चुका है ।
मीडिया विवरणके अनुसार, मोहसीन पाकिस्तान जानेवाले लोगोंका ‘विसा’ लगवानेमें मध्यस्तताका कार्य करता था; व्यवसाय ‘स्क्रैप डीलर’का है । मोहसीन इस घटनामें पूर्वमें बन्दी बनाए गए हबीबुर्रहमानके माध्यमसे सेनाके बन्दी नायक परमजीत दहियाकी बहनके अधिकोष (बैंक) खातेमें पाकिस्तानसे आया धन प्रेषित करता था । इसके साथ ही देहली पुलिसकी जांचमें ज्ञात हुआ है कि परमजीत वर्ष २०१८ से ही हबीबुर्रहमानके माध्यमसे ‘आईएसआई’के लिए कार्य कर रहा था ।
पाकिस्तानके गुप्तचर सेनामें भी सेंध लगा रहे है, यह चिन्ताका विषय है । इससे ज्ञात होता है कि शत्रु कहीं अन्यत्र नहीं है; अपितु हमारे स्वयंके घरमें है, आवश्यकता है तो मात्र उसका अभिज्ञान करनेकी; परन्तु जबतक हम धर्मनिरपेक्षताकी झूठी पट्टी बांधे रहेंगे, समाधान असम्भव है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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