अक्तूबर ३०, २०१८
हरियाणाके मन्त्री अनिल विजने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवादकी शीघ्र सुनवाई करनेकी मांगको नकार देनेके लिए मंगलवार, ३० अक्तूबरको उच्चतम न्यायालयपर व्यंग्य किया । उन्होंने कहा कि न्यायालय मुंबई आतंकी आक्रमणके दोषी याकूब मेमनकी फांसीको टालनेके अनुरोधपर देर रात भी सुनवाई कर सकता है । विजने ट्वीट कर इस वाक्यको दो बार लिखा, ‘सुप्रीम कोर्ट महान है’ ।
उन्होंने कहा, चाहे तो २९ जुलाई २०१४ को १९९३ मुंबई विस्फोटके दोषी याकूब मेननकी फांसीका दण्ड टालनेके लिए न्यायालयका द्वार रातको खोल दे और चाहे तो राम मंदिर, जिसके लिए कोटि भारतवासी प्रतीक्षा कर रहे हों, उसको तारीख दे दे, उच्चतम न्यायालय महान है !’ उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालयने ३० जुलाई २०१५ को याकूब मेमन प्रकरणकी सुनवाई देर रातमें की थी ।
अंबालामें प्रसार वाहिनीयोंसे वार्ता करते हुए भी विजने इसी प्रकारकी टिप्पणी की । उन्होंने कहा,”यह याकूब मेमन प्रकरणकी सुनवाईके लिए मध्य रात्रि तक जागा रह सकता है और यह राम जन्मभूमि प्रकरणकी सुनवाईको तीन माहके लिए टाल सकता है जबकि करोड़ों लोग इसकी प्रतीक्षा कर रहे है !”
उन्होंने कहा कि देशके प्रत्येक भागके लोग चाहते हैं कि केन्द्र सरकार एक अध्यादेश लाए ताकि अयोध्यामें यथाशीघ्र राम मंदिरका निर्माण हो सके ।
स्रोत : जी न्यूज
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