३० नवंबर, २०२०
देहलीमें किसान प्रदर्शनकारियोंके राष्ट्र विरोधी बोल, कहा न भारत माताकी जयका उद्घोष करेंगे, न जय हिन्द बोलेंगे
सामाजिक जालस्थलोंपर देहलीमें किसान प्रदर्शनकारियोंद्वारा दिए गए वक्तव्यका ‘वीडियो’ साझा हो रहा है । इसमें किसान आन्दोलनमें खालिस्तानी समर्थकों तथा इस्लामिक सङ्गठनोंद्वारा बढावा दिए जानेके साक्ष्य भी उजागर हो रहे हैं । साझा हुए इस ‘वीडियो’में एक प्रदर्शनकारी कहता दिखाई देता है कि वह जय हिन्द नहीं बोलेगा व न ही भारत माताकी जयका उद्घोष करेगा, वह अपना समुदायिक घोष व ‘अस्लामवालिकुम’ ही कहेगा । इसी मध्य जब यह सब हो रहा था तब ओखलासे आम आदमी दलके विधायक अमानतुल्लाह खानभी वहीं उपस्थित थे । इसीसे प्रदर्शनके पीछेके षड्यन्त्रके विषयका भान होता है । प्रदर्शनकारियोंने अमानतुल्लाह खानकी उपस्थितिमें धमकाते हुए कहा कि जैसे इन्दिरा गांधीको पाठ पढाया था, वैसे ही प्रधानमन्त्री मोदीको भी पाठ पढाएंगे । वहीं अमानतुल्लाहने कहा कि वे वहां इसलिए आए थे कि उन्हें ज्ञात हो कि उनके समर्थकोंको भोजन व अन्य किसी और वस्तुकी समस्या तो नहीं । उल्लेखनीय है कि बुराडीके निरंकारी समागम मैदानमें शासनद्वारा विरोध प्रदर्शन की अनुमति प्रदान की गई है । इन्हीं प्रदर्शनकारियोंमें से एक कथित किसानद्वारा यह वक्तव्य साझा किया गया था । आनेवाले ३ दिसम्बरको शासन व किसानोंके मध्य वार्ता होनी है ।
साझा होते इन ‘वीडियो’द्वारा स्पष्ट रूपसे यह उजागर होता है कि अखण्ड भारतके निर्माणमें विरोधियोंकी सङ्ख्या अल्प नहीं है । वहीं इन प्रदर्शनकारियोंमें किसानोंके साथ इस्लामिक आतङ्की तथा खालिस्तानी समर्थ भी अपनी रोटियां पका रहे हैं; अतः शासनको उचित कार्यवाहीकर प्रसारित होते इन विद्रोही स्वरोंपर यथासमय अंकुश लगाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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